एस्पर के साथ ट्रम्प के मतभेद काफ़ी दिन से चल रहे थे और जब उन्होंने जार्ज फ़्लायड की हत्या के बाद पूरे देश में फूट पड़ने वाले प्रदर्शनों को रोकने के लिए सेना तैनात करने से इंकार कर दिया था तो मतभेद काफ़ी खुलकर सामने आ गए थे। हो सकता है कि ट्रम्प अब सीआईए प्रमुख जीना हैस्पल, एफ़बीआई प्रमुख क्रिस्टोफ़र वाएली को भी बाहर का रास्ता दिखा दें क्योंकि इन दोनों ने भी कई मामलों में ट्रम्प की हां में हां नहीं मिलाई। ट्रम्प इन दोनों अधिकारियों की जगह उन लोगों को नियुक्त कर सकते हैं जो आने वाले दिनों को नरक में बदल देने की उनकी योजना में भरपूर साथ दें।
मिलर को इस लिए रक्षा मंत्रालय दिया गया है कि वह ईरान, इराक़ और सीरिया में ट्रम्प की हर योजना को पूरी तरह लागू करते थे और यह भी कहा जाता है कि ईरान की क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर जनरल क़ासिम सुलैमानी और इराक़ी पापुलर फ़ोर्स हश्दुश्शअबी के वरिष्ठ कमांडर अबू महदी अलमुहंदिस की हत्या में उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई, यही नहीं बैरूत की बंदरगाह पर अमोनियम नाइट्रेट के गोदाम में होने वाले धमाके को लेकर भी संदेह की सुई मिलर की ओर घूमती है।
न्यूयार्क टाइम्ज़ ने रिपोर्ट दी है कि पेंटागोन के अधिकारियों में इन दिनों यह बातें हो रही हैं कि ट्रम्प ईरान और हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ आने वाले दिनों और हफ़्तों में कोई बड़ा हमला करने की कोशिश में हैं ताकि अमरीका और दुनिया में एक हंगामा खड़ा हो जाए और जो बाइडन का अमरीका की सत्ता संभालने का सपना अधूरा रह जाए।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतीन ने अब तक जो बाइडन को मुबारकबाद नहीं दी है उन्हें अब भी चुनाव के नतीजे की प्रतीक्षा है। इससे यह भी लगता है कि इन देशों को ट्रम्प की ख़तरनाक योजना का आभास है।
संवेदनशील पदों पर नई नियुक्तियां कर लेने के बाद ट्रम्प के पास कई बड़े क़दम उठाने का अवसर है। वह अमरीका में उपद्रव फैला सकते हैं और विश्व स्तर पर हालात को इतना ख़राब कर सकते हैं कि जो बाइडन के लिए हालात को नियंत्रण कर पाना असंभव हो जाए। ट्रम्प ईरान या हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले की कोशिश कर सकते हैं।
अगर ईरान या हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर ट्रम्प ने हमला कर दिया तो यह भी तय है कि ईरान और हिज़्बुल्लाह की ओर से जवाबी हमला भी ज़रूर होगा और अमरीकी सैनिक छावनियों में तबाही मच जाएगी और इस्राईल भी निश्चित रूप से नरक में बदल जाएगा।
ट्रम्प की सत्ता के बचे हुए कुछ हफ़्ते हो सकता है कि अमरीका के इतिहास के बड़े ख़तरनाक हफ़्ते साबित हों।
अब्दुल बारी अतवान
अरब जगत के विख्यात लेखक व टीकाकार