13 फ़रवरी 2016 - 17:30
तुर्की सीरिया में ज़मीनी सेना उतारने का इच्छुक।

तुर्की के प्रधानमंत्री ने सीरिया में ज़मीनी सेना उतारने के बारे में कहा है कि यदि सीरियाई सेना ने दोनों देशों की संयुक्त सीमा के निकट स्थित आज़ाज़ शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया, जिस पर इस समय दाइश का नियंत्रण है, तो तुर्क सेना तत्काल हरकत में आ जाएगी।

तुर्की के प्रधानमंत्री ने सीरिया में ज़मीनी सेना उतारने के बारे में कहा है कि यदि सीरियाई सेना ने दोनों देशों की संयुक्त सीमा के निकट स्थित आज़ाज़ शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया, जिस पर इस समय दाइश का नियंत्रण है, तो तुर्क सेना तत्काल हरकत में आ जाएगी।
तुर्क प्रधानमंत्री अहमद दाऊद ओग़लू ने हालैंड की यात्रा से लौटते समय कहा कि उन्होंने जर्मन चांसलर अंगेला मर्केल से कह दिया है कि सीरिया में रूस का सैनिक आॅप्रेशन तत्काल बंद होना चाहिए ताकि सीरियाई शरणार्थियों की लहर को रोका जा सके। उन्होंने इसी प्रकार अमरीका की इस बात पर आलोचना की कि उसने सीरिया की कुर्द पार्टी डेमोक्रेटिक यूनियन को आतंकी संगठनों की सूचि में शामिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह संगठन तुर्की के भीतर युद्ध कर रहे कुर्द संगठन पीकेके को हथियार सप्लाई करता है। दाऊद ओग़लू ने कहा कि अन्कारा सरकार इस बात को सहन नहीं कर सकती कि दाइश से लड़ाई के कारण डेमोक्रेटिक यूनियन संगठन को मान्यता दे दी जाए।
इस बीच तुर्की के पूर्व विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि तुर्की ने सीरिया में अपनी सेना उतारी तो संभव है कि रूस की सेना से इस लड़ाई में तुर्की अपने कुछ क्षेत्रों से हाथ धौ बैठे। याशार याकीश ने कहा कि तुर्क सेना संभावित रूप से आज़ाज़ और जराबलस के बीच के क्षेत्र को अपने क़ब्ज़े में लेने की कोशिश करेगी लेकिन यह भी संभव है कि तुर्की का हाताय प्रांत उसके हाथ से निकल जाए। उन्होंने कहा कि यदि तुर्क सेना को पराजय हुई तो इस प्रांत के बारे में सीरिया अपना दावा प्रबल रूप से पेश करेगा। इस प्रांत को वर्ष 1939 में तुर्की में शामिल किया गया था लेकिन सीरिया ने आज तक इस विलय को मान्यता नहीं दी है।