अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार इराक के उप राष्ट्रपति नूरी मालकी ने तेहरान में विश्व अहलेबैत (अ) परिषद की जनरल असेम्बली के छठे सम्मेलन में अबना समाचार एजेंसी के साथ एक इंटरव्यू में इराक़ की स्थिति की समीक्षा की और आतंकवादियों के मुक़ाबले में इराकी सेना और स्वयंसेवी बल की उपलब्धियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अरबी और पश्चिमी मीडिया इराकी फोर्स पर ग़लत आरोप लगाकर उन्हें आतंकवाद के मुक़ाबले में कमज़ोर घोषित करने की कोशिश कर रहा है जबकि अल्हम्दो लिल्लाह इराकी सेना स्वयंसेवी बल के सहयोग से आतंकवाद का मुकाबला करने में काफी हद तक सफल है।
नूरी मालिकी ने इराकी सेना को लगातार प्राप्त होने वाली उपलब्धियों पर खुशी व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि दुश्मन हमारे जवानों के हाथों बहुत जल्दी नष्ट हो जाएगा। उन्होंने स्वयंसेवी समूह ''हश्दुलशैबी'' की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह बल हमने ईरान के बसीजियों को देखकर बनाया है जिसमें सभी स्वैच्छिक और मुजाहिद जवान हैं।
इराक के इस्लामी गुट '' हिज़्बुद्दावा '' के महासचिव ने स्वयंसेवी बल की ऊर्जा को सराहते हुए कहा कि स्वयंसेवी बल केवल सफलता या शहादत की भावना से युद्धक्षेत्र में जंग करते हैं इसलिए उन में मैदान से भागने या विश्वासघात करने की आशंका नहीं पाई जाती।
उन्होंने इराक का विभाजन करने के लिए जारी विश्व साम्राज्यवादी नीतियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि हम किसी भी मामले में इराक को विभाजित नहीं होने देंगे हालांकि खुद इराक के अंदर कुछ लोग इराक के विभाजित किए जाने के पक्ष में हैं।
नूरी मालिकी ने इस्लामी देशों में आले सऊद के जारी अपराधों की ओर इशारा करते हुए कहा कि मुसलमान जिस संकट का शिकार हैं वह सिर्फ वहाबी समुदाय की वजह से है वहाबी समुदाय भटके हुए विश्वासों के साथ पूरे क्षेत्र पर अपना वर्चस्व जमाना चाहता है।
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि सऊदी अरब की सरकार सभी मुसलमानों को दुख और दर्द से पीड़ित किए हुए है और यह ज़ुल्म न केवल अभी शुरू हुआ है बल्कि इस्लामी इंक़ेलाब की सफलता से पहले भी क्षेत्र में मुसलमान सऊदी अरब के अपराध से परेशान थे।
नूरी मालिकी ने अबना संवाददाता के इस सवाल के जवाब में कि किस ने इराक को उजाड़ा है? कहा: सऊदी अरब सभी फ़ितनों व षड़यंत्रों की जड़ है सद्दाम युग से अब तक इराक में सऊदी अरब की गंदी नीति जारी है।
उन्होंने कहा कि आले सऊद राष्ट्रवाद के पक्ष में हैं और खुद सऊदी अरब में भी शियों पर अत्याचार किए जा रहे हैं बहरैन पर अत्याचार कर रहे हैं यमन पर उनकी आक्रामकता जारी है सीरिया में उनके कारण हत्या और विनाश जारी है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने मुझसे पूछा कि क्षेत्र को आतंकवाद से बचाने का रास्ता क्या है तो मैंने जवाब में कहा कि सऊदी अरब को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के अंतर्गत घोषित किया जाए इस देश के स्कूलों में शैक्षिक पाठ्यक्रम को बदला जाए और जिन केन्द्रों में आतंकवाद की शिक्षा दी जा रही है उन्हें नष्ट किया जाए।
नूरी मालिकी ने अंत में कहा: यदि सऊदी अरब अपनी नीति न बदले तो क्षेत्र में कभी भी शांति स्थापित नहीं हो सकती। लेकिन मुझे उम्मीद है कि सऊदी अरब के लोग भी धीरे धीरे जागरूक हो रहे है।