19 अगस्त 2015 - 14:05
 परमाणु समझौता दुनिया भर के शियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

उप विदेशमंत्री ने कहा है कि ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य होने वाली परमाणु सहमति पूरे विश्व के शीयों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।

उप विदेशमंत्री ने कहा है कि ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य होने वाली परमाणु सहमति पूरे विश्व के शीयों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।
सैयद अब्बास इराक़ची ने इस्लामी गणतंत्र ईरान के सबसे बड़े हथियार को बड़ी शक्तियों के समक्ष न कहना बताया।
उन्होंने कहा कि ईरान और गुट पांच धन के मध्य परमाणु सहमति इस देश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय और पूरे विश्व के शीयों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और इस अनुभव से विश्व की बड़ी शक्तियों का मुक़ाबला किया जा सकता है।अब्बास इराक़ची ने परमाणु सहमति को ईरानी जनता के १२ वर्षों के प्रतिरोध का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की अगुवाई में विश्व की बड़ी शक्तियां ईरान में यूरेनियम के संवर्द्धन को बंद कराने की इच्छुक थीं परंतु इस्लामी गणतंत्र ईरान दृढ़ इच्छा के साथ न केवल यूरेनियम के संवर्द्धन को बंद करने पर सहमत नहीं हुआ बल्कि उसने पश्चिमी देशों के वर्चस्व को भी स्वीकार नहीं किया।
ईरान की परमाणु टीम के वरिष्ठ वार्ताकार और उप विदेशमंत्री ने वर्चस्व स्वीकार न करने को ईरान की इस्लामी क्रांति और शीयों की विशेषता बताया और कहा कि ईरानी लोग १२ वर्षों तक वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद के नेतृत्व में बड़ी शक्तियों की ज़ोर ज़बरदस्ती के मुक़ाबले में डटे रहे।
उन्होंने ईरान से अन्यायपूर्ण दबावों के समाप्त होने को परमाणु सहमति की एक अन्य उपलब्धि बताया और कहा कि ईरान ने इस सहमति से अपनी समस्त मांगों को प्राप्त कर लिया है और वह अपने परमाणु कार्यक्रम को मज़बूत और प्रतिबंधों को समाप्त कर सका है।
उन्होंने बल देकर कहा कि क्षेत्र और विश्व में ईरान की शक्ति के कारण उसके परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या की गयी।