18 अगस्त 2015 - 14:33
 भारत ईरान को 6.5 अरब डॉलर की क़ीमत तेल का बक़ाया अदा करेगा।

भारतीय अधिकारियों ने घोषणा की है कि वह ईरान के तेल की बक़ाया 6.5 अरब डालर की राशि तीन क़िस्तों में अदा करेंगे।

भारतीय अधिकारियों ने घोषणा की है कि वह ईरान के तेल की बक़ाया 6.5 अरब डालर की राशि तीन क़िस्तों में अदा करेंगे।
भारतीय मीडिया ने भारतीय वित्त सचिव राजीव महर्षि के हवाले से लिखा है कि ईरान के तेल की बक़ाया राशि की पहली क़िस्त, एक सप्ताह के भीतर अदा की जाएगी। भारतीय वित्त सचिव ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि जो तेहरान का हक़ है उसे हमें अदा करना होगा। उनका कहना था कि 6.5 मिलयन डालर की राशि एक साथ अदा नहीं की जाएगी बल्कि यह राशि कुछ क़िस्तों में अदा की जाएगी। राजीव महर्षि ने कहा कि तेहरान भी यह राशि एक साथ नहीं चाहता बल्कि वह चाहता है कि उसे क़िस्तों के रूप में अदा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह राशि डालर, यूरो और भारतीय रुपय में अदा की जाएगी।
फ़रवरी 2013 से भारत की कुछ तेल और पेट्रो केमिकल कंपनियों ने जिनमें एमआरपीएल और एस्सार शामिल हैं, अपने तेल की बक़ाया राशि का 45 प्रतिशत कोलकाता के यूको बैंक के माध्यम से अदा किया और बाक़ी राशि अभी तक अदा नहीं की गयी है। एमआरपीएल और एस्सार ने पिछले वर्ष ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य परमाणु वार्ता आरंभ होने के बाद लगभग तीन अरब डालर की बक़ाया राशि छह क़िस्तों में अदा की थी और अब भी इन कंपनियों पर 6.5 अरब डालर की राशि बाक़ी है।
एस्सार तेल कंपनी पर 3.34, एमआरपीएल पर 2.49 तथा भारत पेट्रोलियम पर 58 करोड़ 10 लाख डालर की राशि बाक़ी है। इसी प्रकार भारतीय ऊर्जा कंपनी एचपीसीएल मित्तल 9 करोड़ 70 लाख डालर तथा हिन्दुस्तान पेट्रोलियम 2 करोड़ 90 लाख डालर ईरान का ऋण है।  जबकि ईरान के 17 हज़ार करोड़ रुपय यूसीओ बैंक में जमा हैं।

भारतीय मीडिया ने भारतीय वित्त सचिव राजीव महर्षि के हवाले से लिखा है कि ईरान के तेल की बक़ाया राशि की पहली क़िस्त, एक सप्ताह के भीतर अदा की जाएगी। भारतीय वित्त सचिव ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि जो तेहरान का हक़ है उसे हमें अदा करना होगा। उनका कहना था कि 6.5 मिलयन डालर की राशि एक साथ अदा नहीं की जाएगी बल्कि यह राशि कुछ क़िस्तों में अदा की जाएगी। राजीव महर्षि ने कहा कि तेहरान भी यह राशि एक साथ नहीं चाहता बल्कि वह चाहता है कि उसे क़िस्तों के रूप में अदा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह राशि डालर, यूरो और भारतीय रुपय में अदा की जाएगी।
फ़रवरी 2013 से भारत की कुछ तेल और पेट्रो केमिकल कंपनियों ने जिनमें एमआरपीएल और एस्सार शामिल हैं, अपने तेल की बक़ाया राशि का 45 प्रतिशत कोलकाता के यूको बैंक के माध्यम से अदा किया और बाक़ी राशि अभी तक अदा नहीं की गयी है। एमआरपीएल और एस्सार ने पिछले वर्ष ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य परमाणु वार्ता आरंभ होने के बाद लगभग तीन अरब डालर की बक़ाया राशि छह क़िस्तों में अदा की थी और अब भी इन कंपनियों पर 6.5 अरब डालर की राशि बाक़ी है।
एस्सार तेल कंपनी पर 3.34, एमआरपीएल पर 2.49 तथा भारत पेट्रोलियम पर 58 करोड़ 10 लाख डालर की राशि बाक़ी है। इसी प्रकार भारतीय ऊर्जा कंपनी एचपीसीएल मित्तल 9 करोड़ 70 लाख डालर तथा हिन्दुस्तान पेट्रोलियम 2 करोड़ 90 लाख डालर ईरान का ऋण है।  जबकि ईरान के 17 हज़ार करोड़ रुपय यूसीओ बैंक में जमा हैं।