अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए साफ कर दिया है कि यदि उन्हें दोबारा ऐसा फैसला लेने का मौका मिला, तो वह पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है और इसके लिए सैन्य कार्रवाई के अलावा कोई दूसरा प्रभावी विकल्प नहीं था।
ट्रंप ने स्वीकार किया कि ईरान के साथ संघर्ष के कारण कुछ समय के लिए अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। हालांकि, उन्होंने इसे अस्थायी आर्थिक असर बताते हुए कहा कि दीर्घकालिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पहले आशंका थी कि युद्ध के कारण तेल की कीमतें उम्मीद से कहीं अधिक बढ़ सकती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कार्रवाई का फैसला किया।
राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल करने में सफल हो जाता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में आज दुनिया जिस व्यवस्था और सुरक्षा को देख रही है, उसका भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
वहीं, 2026 के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को संभावित नुकसान के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार ठहराने वाले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की टिप्पणी पर ट्रंप ने डेमोक्रेट्स के साथ सहयोग की इच्छा भी जताई।
ट्रंप ने कहा कि वह डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें टकराव और बाधा डालने वाली राजनीति से बचना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स के पास वीटो की शक्ति होने के कारण वे सरकार के कामकाज में अड़चनें पैदा कर रहे हैं।
हालांकि, ट्रंप के अनुसार डेमोक्रेटिक नेताओं की ओर से संपर्क किया गया है और वे कुछ अहम मुद्दों पर बातचीत करना चाहते हैं। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि ईरान के साथ तनाव और घरेलू राजनीतिक चुनौतियों के बीच व्हाइट हाउस विपक्ष के साथ संवाद की संभावनाएं तलाश रहा है।
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