अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना: अलमिनार टीवी की रिपोर्ट के अनुसार ज़ायोनी शासन के सैन्य कमांडरों के नए बयान के अनुसार 2006 में लेबनान पर इस्राईली सेना के तैंतीस दिवसीय हमलों का एक बड़ा लक्ष्य हिज़्बुल्लाह के प्रमुख सैयद हसन नस्रुल्लाह के निवास को निशाना बनाना था लेकिन वह अपने उद्देश्य में असफल रही।
ज़ायोनी शासन के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्ट ने तैंतीस दिवसीय युद्ध के ज़माने में यहूदी टीवी चैनल दस में इंटरव्यू देते हुए कहा था कि तैंतीस दिवसीय युद्ध में इस्राईली सेना हिजबुल्लाह के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश कर रही थी। एहुद ओलमर्ट ने कहा था कि एक इमारत को यह समझ कर धराशायी कर दिया गया था कि यह माना जा रहा था कि सैयद हसन नस्रुल्लाह वहाँ होंगे, लेकिन वह सूचना गलत निकली। ज़ायोनी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ डॉन षालोटस ने भी तैंतीस दिवसीय युद्ध के अवसर पर कहा था कि इस युद्ध में इस्राईली सेना का एक उद्देश्य सैयद हसन नस्रुल्लाह को निशाना बनाना था लेकिन यह लक्ष्य हासिल नहीं हो सका।
गौरतलब है कि यहूदी सरकार को लेबनान के खिलाफ 2006 की तैंतीस दिवसीय युद्ध में भारी जानी नुकसान उठाना पड़ा था। इस लड़ाई में लगभग बारह सौ लेबनानियों को शहीद किया गया।