ईरान के वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार ने कहा है कि सैन्य केंद्रों के निरीक्षण की अनुमति न देना हमारा ठोस एजेंडा है।
सैयद अब्बास इराक़ची ने बताया कि वियना में तीन दिन से जारी परमाणु वार्ता में समग्र समझौते के मसौदे और उस प्रस्ताव के बारे में चर्चा हुई जिसे सुरक्षा परिषद परिषद पारित करेगी। उन्होंने बताया कि यह वार्ता विदेश सचिव स्तर पर और विशेषज्ञ स्तर पर तीन दिन तक जारी रही और दोनों पक्ष क्रमबद्ध ढंग से समझौते का मसौदा पूरा करने में लगे हुए हैं। इराक़ची ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अभी मसौदे की विषय वस्तु और संकलन की शैली में काफ़ी मतभेद हैं, कहा कि ईरान की दृष्टि में अच्छा समझौता वह है जिसमें ईरानी राष्ट्र की मांगों की पूर्ति गई हो और यदि यह अच्छा समझौता हो जाता है तो वार्ता अपने तार्किक परिणाम तक पहुंच जाएगी अन्यथा चर्चा तब तक जारी रहेगी जब तक दोनों पक्ष समझौते तक नहीं पहुंच जाते।
ईरान के वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार ने पश्चिमी पक्ष को ईरान के सैन्य केंद्रों के निरीक्षण की अनुमति न दिए जाने के बारे में कहा कि यह प्रस्ताव गुट पांच धन एक ने परमाणु मामले के समाधान के लिए दिया था किंतु ईरान ने उसे स्पष्ट रूप से रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने घोषणा की है, वैज्ञानिकों से साक्षात्कार और सैन्य केंद्रों के निरीक्षण की अनुमति न देना ईरान की ठोस व गंभीर नीति है और यह बात दूसरे पक्ष को बता दी गई है।