12 फ़रवरी 2025 - 06:56
ईरान में इस्लामी क्रांति की 46वीं सालगिरह पर देशभर में जुलूस और जश्न

ईरान में इस्लामी क्रांति की 46वीं सालगिरह पर पूरे देश में विशाल जुलूस और जश्न मनाया गया। लाखों ईरानियों ने इस मौके पर सड़कों पर उतरकर क्रांति के आदर्शों के प्रति अपना समर्थन जताया।

ईरान में इस्लामी क्रांति की 46वीं सालगिरह पर पूरे देश में विशाल जुलूस और जश्न मनाया गया। लाखों ईरानियों ने इस मौके पर सड़कों पर उतरकर क्रांति के आदर्शों के प्रति अपना समर्थन जताया।

देशभर में रैलियां और कार्यक्रम

राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में रैलियां निकाली गईं, जहां लोगों ने झंडे लहराए और नारों के साथ अपनी एकजुटता दिखाई। सरकारी और धार्मिक संगठनों ने इस मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें क्रांति के इतिहास और इसके प्रभावों पर चर्चा हुई।

क्रांति का महत्व

11 फरवरी 1979 को ईरान में इस्लामी क्रांति के तहत शाह का शासन खत्म हुआ था और रूहुल्लाह खुमैनी के नेतृत्व में एक इस्लामी गणराज्य स्थापित हुआ था। यह क्रांति ईरानी समाज, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक बड़ा बदलाव लेकर आई थी।

राष्ट्रपति और नेताओं का संदेश

इस मौके पर ईरानी राष्ट्रपति और वरिष्ठ नेताओं ने क्रांति के मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया और जनता को देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संदेश दिया।

जनता का उत्साह

देशभर में लोग सड़कों पर उतरकर अपने देशभक्ति और क्रांति के प्रति समर्थन का इज़हार कर रहे हैं। कई जगहों पर आतिशबाज़ी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रदर्शनी भी आयोजित की गईं।

इस सालगिरह को ईरान के लिए राष्ट्रीय गर्व और एकता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है, जो देश की राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता को दर्शाता है।