बता दें कि अमेरिका, इस्राईल और ब्रिटेन की बमबारी के बाद भी अवैध ज़ायोनी राष्ट्र और लाल सागर में हूती यमन की कारवाई बंद नहीं हुई है। 2024 की आखिरी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में ईरान को यमन में अंसरुल्लाह की मदद करने के लिए चेतावनी दी गई है। इस बैठक का अनुरोध गैर कानूनी ज़ायोनी राष्ट्र की ओर से किया गया था, ताकि देश पर यमन के हमलों पर चर्चा की जा सके।
31 दिसंबर 2024 - 10:52
समाचार कोड: 1518523
2024 की आखिरी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में ईरान को यमन में अंसरुल्लाह की मदद करने के लिए चेतावनी दी गई है। इस बैठक का अनुरोध गैर कानूनी ज़ायोनी राष्ट्र की ओर से किया गया था
गज़्ज़ा समेत पूरे मिडिल ईस्ट मे पिछले एक साल से भी अधिक समय से जनसंहार मचा रहे अवैध राष्ट्र इस्राईल ने यमन पर भी बार्बर हमले किए लेकिन यमन की गज़्ज़ा के समर्थन मे जारी कार्रवाई को रोकने मे बुरी तरह विफल रहा। यमन के खिलाफ नाकाम रहने वाले ज़ायोनी राष्ट्र ने अब संयुक्त राष्ट्र मे ईरान के खिलाफ जमकर जहर उगला । संयुक्त राष्ट्र मे ज़ायोनी राजदूत डैनी डैनन ने ईरान समर्थित यमन सरकार से मांग की कि वह गज़्ज़ा के समर्थन मे मक़बूज़ा फिलिस्तीन पर जारी अपने मिसाइल हमले बंद करें या फिर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।