17 दिसंबर 2024 - 10:01
 इस्लामाबाद से नहीं सीधे तालिबान प्रशासन से जुड़ेगा पाकिस्तान का यह राज्य

तालिबानी प्रशासन से बातचीत करना उनके प्रांतीय क्षेत्राधिकार से बाहर है। उन्होंने कहा कि, ‘मैं बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में अपनी चिंता जाहिर करने के लिए मजबूर हूं, क्योंकि मेरे प्रांत के लोग आतंकी हमलों में मारे जा रहे हैं।

आतंकवाद की मार झेल रहा पाकिस्तान एक नीए संकट मे घिरता नजर आ रहा है। खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की शहबाज सरकार आतंकवाद को कंट्रोल करने मे नाकाम रही है और उसकी सबससे बड़ी कीमत हमारा प्रांत चुका रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अफगानिस्तान के साथ अपनी व्यापक सीमा पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता का अभाव है। अफगानिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के 22 से 24 हज़ार सदस्यों ने सुरक्षित पनाह ली हुई है। मुख्यमंत्री आवास में विदेशी मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अफगानिस्तान के अलावा 16 से 18 हजार TTP के आतंकी पाकिस्तान के अंदर ऑपरेट कर रहे हैं।

खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की शहबाज सरकार को तालिबान के साथ इस मुद्दे पर बातचीत करनी चाहिए, क्योंकि तालिबानी प्रशासन से बातचीत करना उनके प्रांतीय क्षेत्राधिकार से बाहर है। उन्होंने कहा कि, ‘मैं बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में अपनी चिंता जाहिर करने के लिए मजबूर हूं, क्योंकि मेरे प्रांत के लोग आतंकी हमलों में मारे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अली अमीन ने संकेत दिया है कि उनकी प्रांतीय सरकार खैबर पख्तूनख्वा से जुड़े मुद्दों पर सीधे तालिबान प्रशासन से जुड़ सकती है।