फिलिस्तीन पर क़ाबिज़ ज़ायोनी लोगों में ग़ज़्ज़ा जनसंहार और हिज़्बुल्लाह लेबनान से संघर्ष के बाद यह इलाक़ा छोड़ना का रुझान बढ़ता जा रहा है।
ग़ज़्ज़ा और लेबनान में जनसंहार कर रहे अवैध ज़ायोनी राष्ट्र को कड़े प्रतिरोध के साथ ही कई मोर्चों पर उलझना पड़ रहा है। ज़ायोनी राष्ट्र की टेंशन बढ़ रही है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (CBS) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक साल 2022 की तुलना में साल 2023 में देश छोड़कर जाने वाले नागरिकों की संख्या में इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के लेखकों का कहना है कि यह आंकड़े दीर्घ-कालिक संकट की ओर इशारा कर रहे हैं।
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (CBS) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल देश छोड़ने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। यह 2022 के आंकड़ों की तुलना में 44 फीसदी ज्यादा है।
Ynet की रिपोर्ट के अनुसार, यह चलन बेंजामिन नेतन्याहू की गठबंधन सरकार के सत्ता में वापसी के बाद से और बढ़ गया है। CBS के आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में करीब 24,900 ज़ायोनी प्रवासियों ने देश छोड़ दिया था जबकि इससे पहले 2022 में यह आंकड़ा 17,520 था। यही नहीं इस समान अवधि में विदेशों से मक़बूज़ा फिलिस्तीन लौटने वाले यहूदियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक विदेशों में रहने के बाद फिलिस्तीन लौटने वालों की संख्या 2022 में जहां 12,214 थी, तो वहीं 2023 में 7 फीसदी की गिरावट के साथ यह संख्या 11,300 पर पहुंच गई है।