मिडिल ईस्ट के कसाई के नाम से कुख्यात इस्राईल के प्रधानमंत्री नेतन्याह का खुद अवैध राष्ट्र में ही विरोध बढ़ता जा रहा है। संसद के विशेष सत्र में ज़ायोनी क़ैदियों के परिजन से मुलाक़ात के दौरान ही नेतन्याहू को बंदियों के परिवार की कड़ी नाराज़गी और नारेबाज़ी का सामना करना पड़ा।
ज़ायोनी अप्रवासियों ने नेतन्याहू को ऐसी बात कह दी जिससे वह और उनके संसदीय साथी भी हैरान रह गए लेकिन, किसी तरह नेतन्याहू ने लोगों को शांत करने की कोशिश की।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बंदियों के परिवार के सदस्यों से नाराजगी झेलनी पड़ी। नेतन्याहू ने लोगों से कहा कि वे जीत मिलने तक ग़ज़्ज़ा में रुकने वाले नहीं हैं। नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें समय चाहिए। नेतन्याहू ने कहा, "हमारे बच्चे व्यर्थ नहीं मरे हैं। हमें तब तक युद्ध नहीं रोकना है जब तक हम उन लोगों पर पूरी जीत हासिल नहीं कर लेते जो हमें मारना चाहते हैं।
ज़ायोनी नेता ने कहा हमारी सेना दिन-रात बंधकों को ढूंढ रही है लेकिन, यह इतना आसान नहीं है। इसलिए मैंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बंधकों को छुड़ाने में मदद मांगी है। नेतन्याहू ने कहा कि मेरी पत्नी ने पोप से भी मदद की अपील की है।