यूक्रेन युद्ध को लेकर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ गिरफ्तार का वारंट जारी किया हुआ है. आईसीसी का कहना है कि पुतिन पर यूक्रेन में युद्ध अपराधों के आरोप लगाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं. अगर पुतिन देश से बाहर निकले तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. इसलिए कई मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि जोहानिसबर्ग दौरे पर पुतिन को गिरफ्तार किया जा सकता है.
जा रहा है कि दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. दरअसल, पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अगले महीने जोहानिसबर्ग जाने वाले हैं. इस दैरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है. बता दें कि 22-24 अगस्त को ब्रिक्स देशों की बैठक होगी
दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी में हो रही इस बैठक में पुतिन को शिरकत करने के लिए दावत दी गई है.
देखने वाली बात यह होगी कि पुतिन इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए वहां जाते हैं या नहीं. अगर जाते हैं कि क्या उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा?
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा खुद इस बात से घबराए हुए हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को गिरफ्तार करना युद्ध को निमंत्रण देने जैसा होगा.
दर अस्ल दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा विपक्षी दल ‘द डेमोक्रेटिक अलायंस’ सरकार पर पुतिन को जोहानिसबर्ग दौरे के दौरान गिरफ्तार करने का दबाव बना रहा है.
विपक्ष की इस मांग का जवाब राष्ट्रपति ने प्रिटोरिया की अदालत में एक एफिडेविट के जरिए दिया है. शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई होगी. 32 पेज के इस एफिडेविट में रामाफोसा ने कहा है कि पुतिन को गिरफ्तार करना रूस के खिलाफ युद्ध का ऐलान करने जैसा होगा.