उन्होंने अपनी हालिया सीरिया यात्रा के बारे में कहा कि उनकी दमिश्क यात्रा के दौरान क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय विषयों और परिवर्तनों के बारे में विचार- विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी ईरान सीरिया के साथ रहेगा और वह प्रतिरोध का समर्थन करता रहेगा।
इसी प्रकार राष्ट्रपति ने कहा कि प्रतिबंधों, धमकियों और चुनौतियों के बावजूद सीरिया न्याय और शांति को व्यवहारिक बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय शैतानी बलों का मुकाबला कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सीरिया के कुछ क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर रखा है ताकि सीरियाई सम्पत्ति की लूटघसोट कर सके और यह ऐसा कार्य है जिसे आतंकवादियों का समर्थन करके भी वह हासिल न कर सका परंतु सीरियाई राष्ट्र के प्रतिरोध ने उसके लक्ष्यों पर पानी फेर दिया और अंतिम विजय सीरिया की है।
इसी प्रकार राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी विदेशी सेना को सीरिया के किसी भी क्षेत्र व भाग में नहीं रहना चाहिये। ज्ञात रहे कि ईरान सीरियाई सरकार के अनुरोध पर आतंकवाद से मुकाबले में दमिश्क की सहायता कर रहा है। MM
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