20 फ़रवरी 2023 - 14:10
ज़लज़ला पीड़ितों की मदद के नाम पर तुर्की का तारीख़ी खज़ाना लूट ले गए

तुर्की के क़हरमान मराश में बचाव कार्य के लिए पहुंची इस्राईल के इमदादी टीम ने वापसी के रास्ते में अन्ताकिया में एक ख़ानक़ाह में रखी हुई तोरैत की एक 200 साल से पुराना हस्तलिखित नुस्खा चुरा लिया और उसे अपने साथ तल अवीव ले गए। तुर्क न्यूज़ एजेंसी ने इस घटना की खबर देते हुए इस्राईली मीडिया में चल रही इस किताब की तस्वीरें भी जारी की।

तुर्की में ज़लज़ले के बाद जारी बचाव कामों में हिस्सा लेने के लिए दूसरे देशों की तरह ही इस्राईल ने भी इमदादी टीम भेजी थी। ज़ायोनी टीम ने बचाव काम में कितना हिस्सा लिया कितना नहीं इसकी तो कोई खबर नहीं लेकिन तुर्क मीडिया में इस्राईली टीम की एक ज़लील हरकत को लेकर वावेला मचा हुआ है। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ तुर्की में बचाव काम में हिस्सा लेने के बाद वापस पलट रही ज़ायोनी टीम ने ऐसी हरकत की जो तुर्की की मीडिया में किसी बम धमाके से कम नहीं थी और तुर्की के बाद अब दुनियाभर में इस्राईल के किरकिरी हो रही है। हुआ यूँ के तुर्की के क़हरमान मराश में बचाव कार्य के लिए पहुंची इस्राईल के इमदादी टीम ने वापसी के रास्ते में अन्ताकिया में एक ख़ानक़ाह में रखी हुई तोरैत की एक 200 साल से पुराना हस्तलिखित नुस्खा चुरा लिया और उसे अपने साथ तल अवीव ले गए। तुर्क न्यूज़ एजेंसी ने इस घटना की खबर देते हुए इस्राईली मीडिया में चल रही इस किताब की तस्वीरें भी जारी की। 

इस्राईल की तरफ से तुर्की गयी राहत और बचाव टीम के कमांडर हैम उत्माजिन ने दावा किया कि एक बुजुर्ग शख्स ने उन्हें ऐसा करने के लिए कहा था और तौरेत के इस पुराने हस्तलिखित नुस्खे को इस्राईल लाने के लिए कहा था। तुर्की से चुराई गयी इस ऐतिहासिक दस्तावेज़ को लहराते हुए इस ज़ायोनी कमांडर ने कहा कि मैं एक लंबे समय से इस विभाग से वालेंटियर की शक्ल में जुड़ा हुआ हूँ। आज का दिने बेहद खास है। 

हैम उत्माजिन ने कहा कि मुझे बहुत फख्र हो रहा है कि मैं इस ऐतिहासिक दस्तावेज़ को महफूज़ रखूंगा और जब ज़लज़ले से अन्ताकिया का पूरा इलाक़ा बर्बाद हो गया है तब भी अल्पसंख्यक यहूदियों की यह मीरास बाक़ी रहेगी। 

हालाँकि दुनियाभर में किरकिरी और खुद यहूदी समुदाय की ओर से आलोचनाओं के बाद इस्राईल ने यह नुस्खे वापस कर दिए हैं और तुर्की में संभाल कर रखे गए हैं एक बार फिर यह ऐतिहासिक नुस्खे अन्ताकिया में ख़ानक़ाह के पुनर्निर्माण के बाद अपनी असली जगह पहुँच जाएंगे।