मारिया ज़ाख़ारोवा ने टेलिग्राम पर लिखा है कि ब्रिटेन के न्यायालय का यह फैसला असांजे के व्यक्तित्व और उनके पेशे के हिसाब से बहुत ही ज़्यादा बेइज़्ज़ती वाला है।
ब्रिटेन की एक अदालत ने शुक्रवार को निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए जूलियन असांजे के अमरीका को प्रत्यर्पित किये जाने को मंज़ूरी देदी है। न्यायाधीश ने कहा कि जूलियन असांजे के प्रत्यर्पण को लेकर न्यायालय के अनुरोध को स्वीकार किया जाता है।
इस निर्णय ने ब्रिटेन की अदालत के जनवरी के उस फैसले को पलट दिया जिमसें कहा गया था कि मानसिक स्वास्थ्य चिंताओं के कारण जूलियन असांजे को अमरीका, प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता।
सन 2019 को असांजे को इक्वाडोर के दतावास से गिरफ़तार किया गया था। वे लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में 7 वर्षों से रह रहे थे। विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे पर विकीलीक्स के माध्यम से इराक़, अफ़ग़ानिस्तान और ग्वानतानामों बंदीगृहम के बारे में गोपनीय सूचनाएं आम करने का आरोप है। उनको अमरीका में 18 गंभीर आरोपों का सामना है। दोषी सिद्ध होने की स्थिति में असांजे को 175 वर्षों की सज़ा हो सकती है।