रश्या अलयौम के अनुसार उत्तरी कोरिया के विदेश मंत्रालय ने पश्चिमी देशों में हो रहे मानवाधिकारों के हनन पर चिंता व्यक्त करते हुए विश्व समुदाय से इस समस्या के समाधाान का आह्वान किया है।
उत्तरी कोरिया के विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पश्चिमी देशों में आए दिन मानवाधिकारों का हनन होता रहता है। वहां पर अक्सर सशस्त्र लोग आम लोगों पर हमला करके उनकी जान ले लेते हैं। इस बयान के अनुसार पश्चिम में बहुत से देशों में भ्रष्ट और विध्वंसकारी गुटों का बोलबाला है। इसमें यह भी कहा गया है कि महिलाओं के अधिकारों की दुहाई देने वाले पश्चिम में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की बहुत अधिक घटनाएं होती हैं।
उत्तरी कोरिया ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की है कि पश्चिम विशेषकर अमरीका में नस्लवाद को बहुत बढ़ावा मिल रहा है। वहां पर मानवाधिकारों की सुरक्षा की आड़ में अन्यायपूर्ण क़ानून बनाकर लागू किये जाते हैं।
कुछ समय पहले चीन ने भी अमरीका और कुछ यूरोपीय देशों में मानवाधिकारों की स्थिति को बहुत ही चिंताजनक बताया था। चीन के विदेशमंत्रालय ने अमरीका और कुछ यूरोपीय देशों में मानवाधिकारों के हनन पर चिंता व्यक्त करते हुए इसकी कड़े शब्दों में आलोचना की थी। चीन के अनुसार नस्लभेद और समाजिक असमानता जैसी समस्याओं को अमरीका और कुछ यूरोपीय देशों में स्पष्ट रूप में देखा जा सकता हैं। चीन का मानना है कि अमरीका में बहुत बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का हनन किया जाता है जिसका शिकार सामान्यतः आम लोग होते हैं।