रूसी विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ख़ारोवा ने कहा है कि अमेरिकी विदेशमंत्रालय ने स्वीकार किया है कि “रोलिंग स्ट्रीम-2” गैस पाइप लाइन परियोजना में अमेरिकी रुचि न होने का संबंध भू- राजनीति से है और वाशिंग्टन इस बात से चिंतित है कि यूरोप में रूस का प्रभाव अधिक हो जायेगा।
रूसी विदेशमंत्राल की प्रवक्ता ने कहा कि इससे पहले अमेरिकी यह दावा करते थे कि आर्थिक और पर्यावरण मामलों में मॉस्को की बात सही नहीं है किन्तु इस गैस परियोजना के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध का कारण मात्र रूस से भय है।
रूसी विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि यूरोपीय संघ अमेरिका से प्रभावित है और वह अपने हितों के लिए भी स्वतंत्र ढंग से अमल नहीं कर पा रहा है। उन्होंने बल देकर कहा कि रूस अमेरिका और यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का उचित जवाब तैयार कर रहा है और उन्होंने दूसरों को डराने के लिए प्रतिबंधों का जो डरावना पुतला बना रखा है रूस उस पर ध्यान ही नहीं देता।
ज्ञात रहे कि “रोलिंग स्ट्रीम-2” गैस पाइप लाइन परियोजना 1220 किलोमीटर लंबी है जिससे बाल्टिक सागर से उत्तरी जर्मनी और उसके बाद पूरे यूरोप में गैस पहुंचाई जायेगी और अमेरिका आरंभ से इस परियोजना का विरोध करता रहा है और उसका कहना है कि इस परियोजना के पूरा हो जाने से यूरोप रूसी ऊर्जा पर निर्भर हो जायेगा।