जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा कि ट्वीटर सहित सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्मों का ट्रम्प के एकाउंट बंद करना बहुत गंभीर सवाल खड़े करता है। मर्केल के प्रवक्ता ने बर्लिन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी को केवल उन्हीं रास्तों से रोका जा सकता है जिनका निर्धारण क़ानून ने किया है।
प्रवक्ता ने कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी जैसे अधिकारों में हस्तक्षेप संभव तो है मगर यह क़ानूनी रास्ते से होना चाहिए।
मर्केल के इस स्टैंड का समर्थन फ़्रांस ने भी किया। फ़्रांस में यूरोपीय संघ के मामलों के मंत्री क्लेमेंट बोन ने कहा कि उन्हें यह देखकर गहरा झटका लगा कि एक प्राइवेट कंपनी इस प्रकार का महत्वपूर्ण फ़ैसला कर रही है। उन्होंने ब्लूमबर्ग टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि इसका निर्धारण देशवासियों को करना है, किसी कंपनी के कार्यकारी अधिकारी को यह अधिकार नहीं है।
फ़्रांस के वित्त मंत्री ब्रोनो लोमीर ने रेडियो फ़्रांस से बातचीत में कहा कि सोशल मीडिया की कंपनियां जो नियम बनाती हैं उनकी ज़िम्मेदारी सरकार के हाथ में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के क्षेत्र की बड़ी कंपनियां लोकतंत्र के लिए गंभीर ख़तरे में बदलती जा रही हैं।
यूरोपियन कमिश्नर टेयरी ब्रिटन ने कहा कि पिछले सप्ताह जो घटनाएं वाशिंग्टन में हुईं उनसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की कमज़ोरी साफ़ ज़ाहिर हुई, टेक्नालोजी कंपनियों से जो ख़तरे उत्पन्न हो रहे हैं उनकी भरपूर निगरानी नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि इस बारे में गहरे संदेह हैं कि सोशल मीडिया की किसी कंपनी के पास अमरीका के राष्ट्रपति का एकाउंट सस्पेंड करने के अधिकार हैं या नहीं।
ट्वीटर ने शुक्रवार को डोनल्ड ट्रम्प का एकाउंट स्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया। इससे दो दिन पहले ट्रम्प के समर्थकों ने कांग्रेस की इमारत पर धावा बोल दिया था और कई घंटों तक उस पर क़ब्ज़ा जमाए हुए थे। फ़ेसबुक और स्नैपचैट ने भी ट्रम्प के एकाउंट को अनिश्चितकाल के लिए सस्पेंड कर दिया है।
ट्वीटर ने कहा कि इस आशंका के मद्देनज़र कि ट्रम्प अपने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसा सकते हैं उनके एकाउंट को सस्पेंड कर दिया गया।
ट्वीटर पर ट्रम्प के लगभग 9 करोड फ़ालोवर हैं और अपने शासनकाल में इसी प्लेटफ़ार्म से ट्रम्प अपने महत्वपूर्ण बयान और अधिकारियों को बर्ख़ास्त करने के आदेश दिया करते थे।
इसी बीच इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने ट्वीटर से अपनी वह तसवीर हटा दी है जिसमें वह ट्रम्प के साथ हैं। नेतनयाहू ख़ुद भी भयानक संकट में फंसे हुए है।
स्रोतः एजेंसियां