चुनाव में अपनी हार मानने से इंकार करने वाले ट्रम्प अब सुप्रीम कोर्ट की बात भी मानने से इंकार कर रहे हैं, जिसके बाद से हालात दिन ब दिन टकराव की ओर बढ़ते नज़र आ रहे हैं।
चुनाव के बाद से अब तक कई बार ट्रम्प और बाइडेन के समर्थकों में टकराव हो चुका है।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने, टेक्सस के अटॉर्नी जनरल की उन राज्यों के दसियों लाख वोटों को, जहाँ कड़ा मुक़ाबला था और वोट बाइडन के हक़ में गए, ब्लॉक करने की कोशिश को रद्द कर दिया। चुनाव के केस में, सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने भी, टेक्सस के अटॉर्नी और ट्रम्प के चुनाव में धांधली पर आधारित इसरार पर कोई ध्यान नहीं दिया।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के रवैये के बाद, वॉशिंग्टन में शनिवार को ट्रम्प के समर्थकों ने पूरे दिन प्रदर्शन किया जिसके बाद अनेक लोगों के चाक़ू से हमले में घायल होने की घटना सामने आयी।
शनिवार को ट्रम्प के समर्थकों ने लिंकन मेमोरियल से लेकर कैपिटल हिल तक मार्च किया जहां सुप्रीम कोर्ट और हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेन्टेटिव स्थित है।
सुप्रीम कोर्ट के क़रीब ट्रम्प के समर्थक नारे लगा रहे थे जिससे ज़ाहिर हो रहा था कि वे चुनावी नतीजे को अमान्य क़रार देने की अपील ते रद्द होने पर आक्रोश में थे।
ग़ौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति के क़ानूनी सलाहकारों ने अनेक केस दायर किए थे जिसमें अदालतों से उन राज्यों के मतदान को अमान्य करने की अपील की गयी थी जिसमें मुक़ाबला कांटे का था।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने केस की सुनवाई से इंकार कर दिया था, लेकिन इसके बाद भी ट्रम्प ख़ुद की जीत का दावा कर रहे हैं।