कुछ लोगों यह कह रहे हैं कि अमरीकी राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रत्याशी जो बाइडन, अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प से पूरी तरह से अलग हैं लेकिन बहुत सी जगहों पर बाइडन के दृष्टिकोण ट्रम्प से बहुत मेल खाते हैं।
ट्रम्प और बाइडन की नीतियों में समानता का इस तरह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि बाइडन, ट्रम्प की कुछ नीतियों को आगे बढ़ाएंगे। इन्हीं मुद्दों में से एक ईरान की सिपाहे पासरादान इन्क़ेलाबे इस्लामी के कमान्डर जनरल शहीद क़ासिम सुलैमानी का है।
जनरल शहीद क़ासिम सुलैमानी के बारे में उनके अतीत के बयानों पर नज़र डालने से यह पता चल जाता है कि जब वह सत्ता में आएंगे तो उनका क्या नज़रिया होगा।
जो बाइडन ने कहा था कि कोई भी अमरीकी क़ासिम सुलैमानी की हत्या से नाराज़ नहीं होगा। उनका कहना था कि जनरल क़ासिम सुलैमानी को अमरीकी सैनिकों और क्षेत्र के हज़ारों बेगुनाह लोगों के ख़िलाफ़ अपने अपराधों का जवाब मिला और उनको सज़ा मिली।
बाइडन ने कहा था कि सरकार के बयान में आया है कि जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या का मक़सद, ईरान की ओर से नये हमलों को रोकना है लेकिन निश्चित रूप से इस कार्यवाही के उल्टे नतीजे निकलेंगे।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई और ईरानी अधिकारियों ने बारम्बार घोषणा की है कि जनरल क़ासिम सुलैमान के ख़ून का बदला अभी पूरा नहीं हुआ है बल्कि सही समय पर और सही मौक़े पर उचित बदला लिया जाएगा।