उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का दावा है कि ये प्रदर्शनकारी लंबे समय से फ़रार चल रहे हैं और इनकी गिरफ़्तारी के लिए ईनाम का एलान किया गया है।
14 फ़रार प्रदर्शनकारियों में से 8 प्रदर्शनकारियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही कर वांटेड घोषित किया गया है और उनके घरों के बाहर नोटिस लगाए गए हैं। इन प्रदर्शनकारियों को लेकर कई जगह पोस्टर भी लगाए गये हैं।
इन आरोपियों में शीया धर्मगुरु मौलाना सैफ़ अब्बास भी शामिल हैं जिन पर लखनऊ में सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ प्रदर्शन के दौरान आगज़नी, सांप्रदायिक वैमनस्यता फैलाने और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
उत्तर प्रदेश प्रशासन ने पुराने शहर के इलाक़ों और इमामबाड़े के पास कई स्थानों पर आरोपियों की तस्वीरें लगवा दी हैं।