22 अक्टूबर 2020 - 13:16
अमरीकी राजनीति में भारतीय अमरीकियों का क्या महत्व है? अमरीका का सबसे अमीर यह समुदाय चुनाव में किसका समर्थन कर रहा है?

अमरीका का दूसरा सबसे बड़ा आप्रवासी समूह, पारंपरिक रूप से डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन करता रहा है, लेकिन 2016 के चुनाव के बाद से भारतीय मूल के अमरीकी नागरिकों में ट्रम्प के लिए समर्थन बढ़ा है।

पिछले एक देशक के दौरान, डेम्रोक्रेटिक और रिपब्लिकन नेता, भारतीय अमरीकियों के बीच जा रहे हैं, क्योंकि अमरीका की राजनीति में इस समूह का प्रभाव बढ़ रहा है। हालांकि मतदान में इनका प्रतिशत, सिर्फ़ 1 फ़ीसद है, लेकिन मैक्सिकन के बाद, अमरीका में यह दूसरा सबसे बड़ा आप्रवासी समूह है और उनकी संख्या तेज़ी से बढ़ रही है।

2000 और 2018 के बीचल अमरीकी मर्दुमशुमारी के मुताबिक़, भारतीय मूल के अमरीकी नागरिकों की आबादी क़रीब 150 प्रतिशत बढ़ी है। 2015 में 1 लाख डॉलर की औसत आय के साथ यह समुदाय, इस देश में सबसे अधिक कमाई करने वाला जातीय समूह भी है, इसी वर्ष राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना। इसी तरह से 2016 में भारतीय अमरीकियों ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को लगभग 10 मिलियन डॉलर का चंदा दिया था और अब यह दोनों पार्टियों को सबसे ज़्यादा चंदा देने वाला समूह माना जाता है।

2020 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प और बाइडेन ने भारतीय अमरीकियों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए टेलीविज़न पर विज्ञापनों के अभियान का सहारा लिया। दोनों प्रतिद्वंद्वी नेताओं ने टीवी एशिया और सोनी एंटरटेनमेंट टीवी जैसे अमरीका में लोकप्रिय दक्षिण एशियाई टीवी नेटवर्कों पर बॉलीवुड फ़िल्मों और टीवी शो के दौरान हिंदी और कई क्षेत्रीय भाषाओं में विज्ञापन दिए।

कमला देवी हैरिस को अपना उपराष्ट्रपति घोषित करके, बाइडेन ने भारतीय अमरीकी समुदाय का काफ़ी समर्थन हासिल कर लिया है। हैरिस अपनी भारतीय जड़ों की पहचान पर काफ़ी मुखर रही हैं, जिसका असर फ़ंड एकत्रित करने में सबसे ज़्यादा दिखाई दिया। सितंबर में फ़ंड इकट्ठा करने वाले एक समारोह बाइडेन विक्टरी के दौरान, भारतीय अमरीकी समुदाय ने 33 लाख डॉलर का योगदान दिया, जो एक रिकॉर्ड है।

हालांकि कुछ लोगों का यह दावा है कि अमरीकी हिंदुओं में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प का समर्थन बढ़ रहा है, और इसकी वजह भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी दोस्ती तथा दोनों की राजनीतिक शैली में समानता है। इस तरह के दावे के बारे में कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी, क्योंकि हो सकता है कि एक ख़ास तबक़े और विचारधारा के हिंदुओं को यह बात प्रभावित करती हो, लेकिन पूरे समुदाय के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता।

हालिया यू-गो सर्वेक्षण के मुताबिक़, 72 फ़ीसद भारतीय अमरीकियों ने बाइडेन का समर्थन किया है, जबकि 2016 में 77 फ़ीसद ने हिलेरी क्लिंटन और 2012 में 88 फ़ीसद ने बराक ओबामा का समर्थन किया था। रपोर्ट के मुताबिक़, 2016 में 16 फ़ीसद भारतीय अमरीकियों ने ट्रम्प का समर्थन किया था, जिसमें सिर्फ़ 5 से 6 फ़ीसद की वृद्धि हो सकती है।