बगदाद: इराक के प्रधानमंत्री अली अल जैदी ने कहा है कि ईरान के साथ इराक की सीमाएं बंद करना न तो ईरान के हित में है और न ही इराक के लिए सही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के साथ सीमा बंद की जाती है, तो इससे इराक खुद आर्थिक संकट और मुश्किलों में घिर सकता है।
इराक की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, प्रधानमंत्री अली अल जैदी ने कहा कि ईरान के साथ सीमा बंद करने का मतलब अपने ही देश को आर्थिक रूप से घेरना होगा। दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए ऐसा कदम इराक के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
प्रधानमंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि इराक किसी भी युद्ध का हिस्सा नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि उनका देश क्षेत्रीय पक्षों के बीच बातचीत और समझौते का केंद्र बना रहेगा।
अल जैदी के मुताबिक, क्षेत्र में जारी संकट का समाधान आखिरकार बातचीत और आपसी सहमति से ही निकालना होगा। उन्होंने कहा कि हालात चाहे कितने भी जटिल क्यों न हों, संकट का अंत समझौते के जरिए होना चाहिए।
इराकी प्रधानमंत्री ने हथियारों को सरकार के नियंत्रण में लाने की प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि तीन समूहों के साथ हथियार सौंपने का मामला पूरा हो चुका है, जबकि चार अन्य समूहों के साथ बातचीत जारी है।
उन्होंने कहा कि 30 जून 2027 तक देश में कोई भी हथियार सरकार के नियंत्रण से बाहर नहीं रहेगा। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि हथियारों पर सरकार का एकाधिकार स्थापित करने का फैसला अंतिम है और इसे वापस नहीं लिया जाएगा।
अली अल जैदी ने यह भी दावा किया कि इराक में कोई अमेरिकी सैनिक मौजूद नहीं है, यहां तक कि सैन्य सलाहकार के रूप में भी नहीं।
उनके इन बयानों से साफ है कि इराक क्षेत्रीय तनाव के बीच अपनी स्वतंत्र नीति बनाए रखना चाहता है। इराक सरकार का जोर युद्ध से दूरी बनाए रखने, पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक संबंधों को बचाने और देश में हथियारों को सरकारी नियंत्रण में लाने पर है।
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