सोमवार को ईरानी सेंट्रल बैंक के प्रमुख अब्दुल नासिर हिम्मती की बग़दाद यात्रा के दौरान, इराक़ी बैंकों में मौजूद, ईरान के अरबों डॉलर के उपयोग पर दोनों देशों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं।
इस समझौते के बाद, तेहरान इराक़ी बैंकों में मौजूद ऊर्जा निर्यात से संबंधित भुगतान का उपयोग कर सकेगा।
ईरान, इराक़ी बैंकों में फंसी हुए ऊर्जा भुगतान का उपयोग, इराक़ व दूसरे देशों से ज़रूरी वस्तुओं का आयात करके कर सकता है।
जून में ईरान के ऊर्जा मंत्री रज़ा अर्दकानियान ने कहा था कि बिजली निर्यात के लिए ईरान का इराक़ पर कम से कम 800 मिलियन डॉलर का बक़ाया है।
पिछले साल फ़रवरी में तेहरान ने कहा था कि गैस की ख़रीद के लिए बग़दाद पर उसका लगभग 2 बिलियन डॉलर का बक़ाया है।
2019 में चीन के बाद इराक़, ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। पिछले साल ईरान ने क़रीब 9 अरब डॉलर के मूल्य का इराक़ को निर्यात किया, जबकि आयात सिर्फ़ 58 मिलियन डॉलर का किया।
ईरानी सेंट्रल बैंक के प्रमुख का कहना था कि इराक़ी प्रधान मंत्री ने उनसे वादा किया है कि वह ख़ुद भुगतान के लिए होने वाले समझौते की निगरानी करेंगे।
ग़ौरतलब है कि अमरीका के कड़े प्रतिबंधों और कोरोना वायरस महामारी के कारण, ईरानी अर्थव्यवस्था पर अभूतपूर्व दबाव है। इराक़ और दूसरे देशों में फंसे हुए पैसे का अगर ईरान किसी तरह उपयोग कर पाता है, तो निश्चित रूप से इस दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।