22 सितंबर 2020 - 17:25
सियासत किसी की सगी नहीं होती, चुनाव जीतने के लिए बाप लेगा बेटी का बलिदान

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प वाइट हाऊस में पहुंच तो गये लेकिन उनकी व्यापारिक आदतें छूटी नहीं हैं और वह हमेशा अपने फ़ायदे और नुक़सान के बारे में ही सोचते रहते हैं।

वह दूसरे व्यापारियों पर भी विश्वास नहीं करते इसीलिए उन्होंने अपने दामाद सहित परिवार के अन्य सदस्यों को वाइट हाऊस में जगह दी और उसे अपना वरिष्ठ सलाहकार बना दिया।

ट्रम्प की बेटी जेयर्ड कूश्नर से इतना प्यार करती थी कि उसने ईसाई धर्म छोड़कर यहूदी धर्म अपना लिया और अपने पिता पर इतना दबाव डाला कि वह कूश्नर को वाइट हाऊस में जगह दें और एक बड़ा पद उसे दें, इसीलिए जेयर्ड कूश्नर ट्रम्प के सलाहकार हो गये। हर वह व्यक्ति जो कूश्नर और उसकी कार्यवाही के ख़िलाफ़ था उसे वाइट हाऊस से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया क्योंकि कूश्नर वाइट हाऊस के "सर" हैं। कूश्नर ने ही माइक पोम्पियो को वाइट हाऊस में आने और विदेशमंत्रालय का पद दिलाने में अहम भूमिका अदा की है।

ट्रम्प ने अपने शासन काल में जो सबसे बड़ी ग़लती की है और जिसका परिणाम उनके राजनैतिक भविष्य को तबाह कर देगा वह ईरान के परमाणु समझौते से निकलना है। सारे साक्ष्य यह बयान करते हैं कि उन्होंने यह फ़ैसला, वाइट हाऊस में नेतेनयाहू के प्रतिनिध जेयर्ड कूश्नर के दबाव में लिया है।

कूश्नर की वजह से ट्रम्प पर जो एक और मुसीबत आई है वह केवल परमाणु समझौते से अमरीका का निकलना नहीं है बल्कि फ़िलिस्तीन मुद्दे के बारे में उनका फ़ैसला भी है जिनमें वेस्ट बैंक को इस्राईल में शामिल करने, सेन्चुरी डील, तेल अवीव से बैतुल मुक़द्दस दूतावास स्थानांतरित करने, गोलान हाइट्स पर इस्राईल के क़ब्ज़े, अनरवा के लिए अमरीकी मदद बंद करने और इस्राईल विरोधी हर संगठन पर प्रतिबंध जैसे मुद्दे शामिल हैं।

इन फ़ैसलों ने फ़िलिस्तीन को अंधेरी सुरंग में बदल दिया है और अमरीका से फ़िलिस्तीन मुद्दे के हल के लिए समाधान की प्राप्ति हेतु मध्यस्थ की भूमिका छीन ली है। यह वह भूमिका थी जिसे अमरीका दोहरे मापदंड और दुष्टता के साथ अंजाम दे रहा था।

सर्वेक्षणों से पता चलता है कि ट्रम्प के प्रतिस्पर्धी जो बाइडन उनसे आगे चल रहे हैं और यहां तक कि रजवाड़ों और इस्रईल के बीच संबंधों की ट्रम्प की दिखावटी चाल का भी कोई असर नहीं पड़ा है। इसीलिए अब अमरीकी चुनाव में केवल पांच सप्ताह ही बाक़ी हैं और ट्रम्प के पास कोई ट्रम्प चाल नहीं है ताकि चुनाव की बाज़ी पलट सकें लेकिन यह कि कूश्नर से इवांका का तलाक़, ही उनके लिए बाज़ी पलट सकता है, ट्रम्प इस तरह से हमेशा से कूश्नर से मुक्ति पा जाएंगे और उन्हें अपनी बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित होने की कोई ज़रूरत नहीं है।