सूरए नम्ल की आयत क्रमांक पहली और दूसरी का अनुवाद:
अल्लाह के नाम से जो अत्यंत कृपाशील और दयावान है। ता. सीन. ये क़ुरआन और एक स्पष्ट करने वाली किताब की आयतें हैं। यह किताब) ईमान वालों के लिए मार्गदर्शन और शुभ सूचना है।
संक्षिप्त टिप्पणी:
समाज में पैग़म्बरों का काम, सांस्कृतिक काम था जो पढ़ने व लिखने के साथ तथा असत्य से सत्य को अलग करने पर आधारित था।
इन आयतों से मिलने वाले पाठ:
- समाज में पैग़म्बरों का काम, सांस्कृतिक काम था जो पढ़ने व लिखने के साथ तथा असत्य से सत्य को अलग करने पर आधारित था।
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क़ुरआने मजीद की कुछ विशेषताएं उसका लिखा होना, स्पष्ट करना, मार्गदर्शन करना और शुभ सूचना देना है।
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मनुष्यों के लिए वास्तविक शुभ सूचना, हक़ व सत्य की ओर उनके मार्गदर्शित होने पर निर्भर है।