सैयद हुसैन हुसैनी ने स्वास्थ्य मंत्री डाक्टर नमकी के नाम लिखे गए पत्र में कहा कि मैंने पिछले सप्ताह नमाज़े जुमा के ख़ुतबे में मलार्द के अस्पताल के निर्माण के कान्ट्रैक्टर के रूप में काम करने वाले आपके बेटे के बारे में एक बात कही जो ग़लत जानकारियों और मुझे दी गई ग़लत रिपोर्ट के आधार पर थी। मैं चूंकि इस इलाक़े की साढ़े चार लाख की आबादी के अधिकारों के लिए हमेशा आवाज़ उठाता रहा हूं और शहर के अस्पताल के निर्माण में बार बार देरी हो रही है और वादे पूरे नहीं हो रहे हैं इसलिए मैंने इस बहस को उठाया और इस अंदाज़ से उठाया कि उसमें आपके बेटे भी आरोप के दायरे में आ गए। चूंकि मैं इमामे जुमा हूं और मुझे कोई भी बात इंसाफ़ के दायरे से बाहर निकलकर नहीं कहनी चाहिए इसलिए मैं खेद जताता हूं और माफ़ी मांगता हूं।
मैं नमाज़े जुमा में सबके सामने आपसे माफ़ी तलब करूंगा और अगर एक हफ़्ते तक आपकी ओर से माफ़ी न मिल गई तो यह मानकर कि मेरे अंदर इमाम जुमा का कार्यभार संभालने की शर्तें नहीं हैं अपने पद से हट जाऊंगा और इस संदर्भ में हर क़ानूनी सज़ा स्वीकार करने के लिए तैयार हूं।
मैं इलाक़े के अधिकारी की ओर से ग़लत रिपोर्ट दिए जाने के मामले की भी पूरी तरह पड़ताल करवाउंगा ताकि भविष्य में कोई इस तरह किसी को ग़लत रूप से प्रयोग न करे।