भारतीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, तरुण गोगोई का कहना था कि रंजन गोगोई का नाम राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों की सूची में है।
उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व सीजेआई राज्यसभा सांसद बन सकते हैं, तो वह असम में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भी बन सकते हैं।
गोगोई ने कहा, यह सब राजनीति है। बीजेपी अयोध्या मामले में रंजन गोगोई के फ़ैसले से ख़ुश है। उसके बाद उन्होंने राज्यसभा नामांकन स्वीकार कर धीरे-धीरे राजनीति में प्रवेश किया।
असम के पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ़ जस्टिस ने राज्यसभा की सदस्यता क्यों स्वीकार की? वह आसानी से मानवाधिकार आयोग या किसी अन्य अधिकार संगठन के प्रमुख बन सकते थे। उनकी राजनीतिक महत्वकांक्षाएं थीं इसलिए उन्होंने राज्यसभा का नामांकन स्वीकार किया।
तरुण गोगोई का यह भी कहना था कि वह अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं होंगे।