बीबीसी की एक रिपोर्टर ने अपने सूत्रों और सीएनएन के हवाले से ट्वीट किया कि ईरान की मिसाइल गतिविधियों को देखते हुए संयुक्त अरब इमारात, कुवैत और क़तर में तैनात अमरीकी सैनिकों को लिए हाई अलर्ट जारी किया गया।
अन्य सूत्रों का भी कहना है कि संयुक्त अरब इमारात के अल-दफ़रा और क़तर के अल-उदैद सैन्य अड्डों में तैनात अमरीकी सैनिकों से इस दौरान, बंकरों में रहने के लिए कहा गया है।
सीएनएन ने एक अमरीकी सैन्य अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान द्वारा फ़ायर किए गए बैलिस्टिक मिसाइलों के कारण, क़तर और यूएई में तैनात अमरीकी सैनिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया।
ग़ौरतलब है कि आईआरजीसी ने मंगलवार को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के निकट द ग्रेट पैग़म्बर संयुक्त सैन्य अभ्यास के अंतिम चरण की शुरूआत की थी।
ईरानी सेना के सैन्य अभ्यास के मुख्य आकर्षणों में से एक मॉक विमान वाहक युद्धपोत पर हमला करके उस पर क़ाबू करना था, जो अमरीकी नौसेना के युद्धपोतों से काफ़ी मिलता-जुलता था।
इस युद्धपोत पर सैन्य हेलीकॉप्टर से एक मिसाइल फ़ायर किया गया, जिसके बाद तेज़ी से ईरानी नौसेना स्पीड बोट्स ने उसे चारों ओर से घेर लिया।
अमरीकी नौसेना ने आईआरजीसी के इस क़दम को ग़ैर-जिम्मेदाराना क़रार देते हुए इसे डराने का प्रयास बताया है।
बहरैन में तैनात अमरीकी नौसेना के पांचवे बेड़े ने एक बयान जारी करके ईरान द्वारा मॉक अमरीकी युद्धपोत को सैन्य अभ्यास में शामिल करने की आलोचना की है।
अमरीकी नौसेना के पांचवे बेड़े की प्रवक्ता कमांडर रेबेका रेबारीच ने मंगलवार को एएफ़पी समाचार एजेंसी ईमेल भेजकर बताया कि हम ईरानी सैन्य अभ्यास से अवगत हैं, जिसमें एक मॉक विमानवाहक युद्ध पोत पर हमला करना भी शामिल है। उन्होंने ईरान के सैन्य अभ्यास को आक्रामक और डराने वाला बताया।