इस्राईली अख़बार हारेट्ज़ की रिपोर्ट के मुताबिक़, केवल यरूशलम की बालफ़ोर स्ट्रीट में 5,000 से ज़्यादा लोग इकट्ठे हुए, जिसे इस हफ़्ते का सबसे बड़ा प्रदर्शन कहा जा सकता है। हालांकि दूसरे शहरों में भी प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं और नेतनयाहू शासन के ख़िलाफ़ नारे लगाए।
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— הדמוקרטים (@democratimOrg) July 25, 2020
इस्राईली पुलिस ने रविवार की सुबह यरूशलम में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और एक दर्जन से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार कर लिया।
इस्राईल में यह प्रदर्शन पिछले कई हफ़्तों से जारी हैं और यरूशलम स्थित ज़ायोनी प्रधान मंत्री के आवास के सामने हज़ारों की संख्या में लोग जुटे हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में ऐसे प्लेकार्ड उठा रखे थे, जिन पर लिखा हुआ थाः बीबी घर जाओ, भ्रष्टाचार से हम थक चुके हैं और नैतिकता कहां है? मूल्य कहां हैं?
प्रदर्शनकारी ढोल और ताशा बजा रहे थे और नारे लगा रहे थे कि 10 लाख से ज़्यादा बेरोज़गार-बीबी इस्तीफ़ा दो, क्राइम मिनिस्टर और भ्रष्ट शासन से हम थक चुके हैं।
प्रदर्शनकारी इसी हफ़्ते पारित किए गए उस क़ानून से भी काफ़ी नाराज़ थे, जिसके तहत ज़ायोनी सरकार को 2021 तक इमरजेंसी अधिकार प्राप्त हो गए हैं और नेतनयाहू ने भ्रष्टाचार के आरोप में मुक़दमा चलने के बावजूद अपने पद से इस्तीफ़ा देने से इनकार कर दिया है।
प्रदर्शनकारियों को न केवल इस्राईली पुलिस की बर्बरता का सामना करना पड़ा, बल्कि नेतनयाहू भक्तों ने भी उन पर हमले किए और कई प्रदर्शनकारियों की आंखों में मिर्चों का स्प्रे किया।
नेतनयाहू ने इस्राईली मीडिया विशेष रूप से मुख्य टीवी चैनल, चैनल-12 पर सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप लगाया है।