24 जुलाई 2020 - 14:57
क्या अपने बेटे के पक्ष में सऊदी नरेश के सत्ता से हटने का समय निकट आ गया है?

कई राजनैतिक टीकाकारों का कहना है कि सऊदी अरब के शासक सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ जल्द ही अपने बेटे के पक्ष में सत्ता से हटने वाले हैं लेकिन आले सऊद के दरबार के कुछ सूत्रों का कहना है कि समाज विशेष कर राजघराने के अन्य सदस्यों की नकारात्मक प्रतिक्रियाओं के डर से मुहम्मद बिन सलमान ऐसा करने से घबरा रहे हैं।

वाॅशिंग्टन में एक इंस्टीट्यूट में फ़ार्स की खाड़ी के मामलों के निदेश साइमन हेंडरसन ने अपने एक लेख में भविष्यवाणी की है कि सऊदी नरेश मुहम्मद बिन सलमान जल्द ही अपने बेटे और युवराज मुहम्मद बिन सलमान के पक्ष में सत्ता से हट जाएंगे या फिर उन्हें शासक का अभिभावक बना देंगे। उन्होंने सवाल पूछा है कि क्या 34 वर्षीय राजकुमार मुहम्मद बिन सलमान अपने पिता की बीमारी में शासक के अभिभावक बन जाएंगे? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने ख़ुद ही लिखा है कि अगर उनके पिता इस बात की घोषणा कर दें तो यह बात संभव है।

 

उन्होंने इस सवाल का भी जवाब देते हुए कि क्या सऊदी नरेश के सत्ता से हटने की संभावना है? कहा है कि यह बात बिलकुल संभव है हालांकि अब तक सऊदी अरब की राजशाही में ऐसा नहीं हुआ है। हेंडरसन ने कहा है कि बिन सलमान नहीं चाहते हैं कि अपने पिता की मौत के बाद वे वरिष्ठ राजकुमारों के सामने ऐसी स्थिति में आएं कि उनमें से कुछ को उनके सऊदी नरेश बनने पर आपत्ति हो विशेष कर इस लिए कि उनमें से कुछ सऊदी शासक का निर्धारण करने वाली समिति के सदस्य भी हैं। हेंडरसन का कहना है कि सऊदी अरब की वर्तमान परिस्थितियां विशेष कर शाह सलमान की बीमारी, इस देश में एक बड़ी घटना का मार्ग समतल कर सकती है।

 

इस अमरीकी टीकाकार का कहना है कि यद्यपि सऊदी नरेश की बीमारी कोई ख़तरनाक बीमारी नहीं है लेकिन मुहम्मद बिन सलमान यह बात पहले ही सिद्ध कर चुके हैं कि वे मौक़े को हाथ से जाने नहीं देते। हेंडरसन का कहना है कि अगर सऊदी नरेश अपने बेटे मुहम्मद बिन सलमान को, जो इस समय युवराज हैं, सत्ता सौंप देते हैं तो वे बाद में परिवार के अंदर होने वाले विरोधों से सुरक्षित रहेंगे।

 

इसी संबंध में एशिया टाइम्ज़ वेबसाइट ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि मुहम्मद बिन सलमान सत्ता हासिल करने के लिए कोई भी ख़तरनाम काम कर सकते हैं। इस वेबसाइट के टीकाकार नबील नुवैरा ने लिखा है कि इस बात की बहुत संभावना है कि मुहम्मद बिन सलमान जारी वर्ष के ख़त्म होने से पहले ही सऊदी अरब के सिंहासन पर बैठ जाएं जबकि कुछ सूत्रों का कहना है कि यह काम अगले कुछ महीनों में ही हो जाएगा। इस टीकाकार का कहना है कि सऊदी नरेश की स्थिति गंभीर है और चूंकि अमरीका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता इस लिए सऊदी अरब के 34 वर्षीय युवराज, हर संभव तरीक़े से यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सत्ता उन्हीं को हासिल होगी।

 

एक अमरीकी टीकाकार का कहना है कि इस बात की संभावना बहुत कम है कि अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव तक सऊदी नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ जीवित रहेंगे और संभावित रूप से उनकी शारीरिक स्थिति अब और अधिक बिगड़ने लगेगी। एशिया टाइम्ज़ ने अंत में एक अहम सवाल उठाया है कि अगर मुहम्मद बिन सलमान सऊदी अरब के शासक बन जाते हैं तो फिर युवराज कौन बनेगा? नुवैरा का कहना है कि वाॅशिंग्टन में कुछ समय तक सऊदी अरब के राजदूत रहने वाले बिन सलमान के भाई ख़ालिद बिन सलमान संभावित रूप से सऊदी अरब के अगले युवराज होंगे।