भारतीय मीडिया ने दावा किया है कि चीन ने लगभग 4 हज़ार किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा "एलएसी" पर अपनी सेना तैनाती कर दी है जबकि भारत ने भी हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश के अग्रिम ठिकानों पर सैन्य उपकरण भेजना शुरु कर दिया है।
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद उस समय बढ़ा जब मई के आरंभ में चीन की सेना ने लद्दाख़ सेक्टर और सिक्किम में निर्माण कार्य शुरू किया जिसके बाद भारतीय सेना ने आपत्ति जताई और दोनों सेनाओं के बीच हाथापाई हुई।
भारत के सैन्य सूत्रों का दावा है कि चीन की सेना ने न सिर्फ़ लद्दाख में निर्माण कार्य किया बल्कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश समेत अन्य सेक्टरों में भी किया।
सैन्य सूत्रों का कहना है कि चीन ने निर्माण कार्य के दौरान महत्वपूर्ण ठिकानों पर अपने सैनिकों को और भारी हथियार तैनात किए हैं। भारतीय सूत्रों का कहना है कि चीन की किसी भी प्रकार की संभावित कार्यवाही का जवाब देने के लिए अंग्रिम मोर्चों पर भारी संख्या में लड़ाकू हथियार तैनात कर दिए गये हैं।
सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में जिस जगह पर चीन के हेलीकॉप्टर्स दिखे थे वहां पर अतिरिक्त जवानों को सीमाई इलाकों में तैनात कर दिया गया है।
उधर भारत ने उतराखंड की जोहर घाटी के निकट भारत ने सामरिक महत्व की सड़कों का निर्माण तेज़ कर दिया है। सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को हेलीकॉप्टर्स के ज़रिए पहुंचा दिया गया है।
मुनसियारी-बोगदीयार-मिलाम रोड का निर्माण, हिमालय की जोहर घाटी में हो रहा है। यह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में आता है। यह सड़क भारत-चीन सीमा पर आखिरी पोस्ट को जोड़ेगा।