तेहरान स्थित शहीद लशकरी एयरबेस के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद ज़ल-बेगी का कहना है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान एयर फ़ोर्स (IRIAF) प्रतिबंधों के बावजूद, रक्षा समेत लगभग सभी क्षेत्रों में तेज़ी के साथ विकास कर रहा है।
उन्होंने कहाः हमने ज़रूरत के मुताबिक़, विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमान डिज़ाइन करने और उनके निर्माण में महत्वूपर्ण प्रगति कर ली है।
उनका कहना था कि ईश्वर की कृपा से हम निकट भविष्य में आई-आर-आई-ए-एफ़ द्वारा डिज़ाइन किए गए और बनाए गए लड़ाकू विमानों की गरज आसमान में सुनेंगे।
ब्रिगेडियर जनरल ज़ल-बेगी ने पिछले साल ईरान द्वारा निर्मित लड़ाकू विमान कौसर के परीक्षण का हवाला देते हुए कहाः पिछले साल आयोजित की गई सैन्य परेड के दौरान सभी ने कौसर जैट फ़ाइटर को देखा। यह एक आधुनिक जेट है, जो दुनिया के आधुनिकतम लड़ाकू विमानों की बराबरी करता है।
2018 में ईरान ने अपनी वायु सेना के नवीकरण की दिशा में एक बड़ा क़दम उठाते हुए चौथी पीढ़ी के इंटरसेप्टर विमानों के बड़े पैमाने पर उत्पादन का शुभारंभ किया था।
ईरानी रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक़, प्रत्येक कौसर जेट के उत्पादन से ईरान को क़रीब 160 करोड़ 50 लाख डॉलर की बचत होगी।
अमरीकी प्रतिबंधों और पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद, ईरान ने सैन्य उपकरणों और हथियारों के निर्माण में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, जिसने तेहरान के दुश्मनों के साथ साथ दोस्तों को भी हैरान कर दिया है।