बीजिंग और सियोल ने इस ख़बर का खंडन किया है।
सीएनएन के चीफ़ नेशनल सेक्यकुरिटी कारेस्पोंडेंट जिम सियूटो ने सोमवार को रिपोर्ट दी कि अमरीकी सरकार इस सूचना की गहराई से समीक्षा कर रही है कि किम जोंग उन सर्जरी के बाद गंभीर स्थिति में चले गए हैं।
इससे पहले सियोल स्थित अख़बार एनके ने रिपोर्ट में दावा किया था कि गत 12 अप्रैल को किम जोंग उन की हार्ट सर्जरी हुई है।
सीएनएन की यह ख़बर सारी दुनिया में बहुत तेज़ी से फैल गई लेकिन इस बारे में टीवी चैनल ने कोई सुबूत नहीं दिया है बल्कि अज्ञात सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है। एनके अख़बार का कहना है कि उसकी रिपोर्ट केवल एक व्यक्ति से मिली जानकारी पर आधारित है।
किम जोंग उन की तबीयत बिगड़ जाने की सीएनएन की रिपोर्ट को ब्लूमबर्ग, वाशिंग्टन टाइम्ज़ और दूसरे अख़बारों और चैनलों ने व्यापक रूप से कवरेज दी। कुछ मीडिया संस्थानों ने तो दो क़दम और आगे जाते हुए कहा कि उत्तरी कोरिया के नेता शायद आख़िरी सांसें ले रहे हैं।
कोरिया के हालात पर गहरी नज़र रखने वाले चाड ओ कैरोल का कहना है कि इस बारे में मिलने वाली ख़बरों में विरोधाभास है। कुछ ख़बरों में कहा जा रहा है कि किम जोंग उन की हार्ट सर्जरी हुई है और कुछ ख़बरों में दावा किया गया है कि उन्हें ब्रेन की समस्या है और अब वह कोमा में है।
दक्षिणी कोरिया के एक अधिकारी ने नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर युनहाप समाचार एजेंसी से कहा कि किम के स्वास्थ्य के बारे में हमें कोई भी असाधारण चीज़ नज़र नहीं आ रही है वह हालिया दिनों में लोगों के बीच नज़र आए।
चीन की सरकार के एक अधिकारी ने सीएनएन की रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा कि किम के गंभीर रूप से बीमार होने के बारे में आ रही ख़बरें ग़लत हैं।