30 मार्च 2020 - 13:23
कोरोना से लगातार हो रही मौतों ने ट्रम्प को कर दिया लाचार, अपनी ज़िद से पीछे हटे, मगर चिकित्सा कर्मियों पर लगाया मास्क चुराने का

राष्ट्रपति ट्रम्प जैसे अड़ियल व्यक्ति के पास भी ईस्टर तक अमरीकी इकानोमी पुनः खोल देने का फ़ैसला वापस लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। ट्रम्प ने सामाजिक दूरी के बारे में अपने निर्देश की समयसीमा आगामी 30 अप्रैल तक बढ़ा दी।

इसका मतलब यह है कि अमरीका में जिंदगी कम से कम एक महीने तक ठप्प रहेगी बल्कि हो सकता है कि इससे भी अधिक समय तक यही हालात रहें।

कोरोना वायरस के कारण इतनी तेज़ी से मौतें हो रही हैं कि ट्रम्प के पास कोई विकल्प ही नहीं बचा है। एक महीना पहले तक ट्रम्प चमत्कार की बात कर रहे थे कि वायरस ख़ुद ही ख़त्म हो जाएगा मगर जब विशेषज्ञों ने उन्हें यह समझाया कि अगर उन्होंने इकानोमी खोल देने की अपनी ज़िद पर अमल किया तो 22 लाख लोग मर सकते हैं।

ट्रम्प बार बार कह रहे थे कि विजय क़रीब है मगर रविवार को उन्होंने सामाजिक दूरी के निर्देश का समय एक महीना बढ़ा दिया। इससे यह पता चला कि आख़िरकार ट्रम्प की अक़्ल ठिकाने आई और उन्होंने विशेषज्ञों और डाक्टरों की बात मानने का फ़ैसला किया।

रविवार को ट्रम्प पत्रकारों के कड़े प्रश्नों पर तिलमिलाते रहे जबकि उन्होंने उन्होंने कारपोरेट जगत से जुड़ी हस्तियों पर ज़ोर दिया कि वह उनकी लीडरशिप की तारीफ़ करें।

ट्रम्प ने बहुत भोंडेपन से यह आरोप लगाया कि चिकित्साकर्मी मास्क चुरा रहे हैं।

ट्रम्प ने अपने फ़ैसले का बचाव करते हुए कहा कि इस फ़ैसले से लाखों की जानें बच जाएंगी, उन्होंने कहा कि यदि हम सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देश की अवधि बढ़ाने का फ़ैसला न करते तो 22 लाख लोग मर सकते थे।

एक चीज़ तो स्पष्ट है कि ट्रम्प इस त्रासदी के समय भी राजनैतिक हित साधने और अपनी छवि मज़बूत करने की फ़िक्र मे लगे हैं और इसके अलावा वह किसी भी विषय के बारे में नहीं सोच रहे हैं।