अतवान का कहना है कि आईआरजीसी ने जब अपने कमांडर जनरल सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए इराक़ में अमरीकी सैन्य ठिकानों पर 11 बैलिस्टिक मिसाइल दाग़े थे तो ट्रम्प ने दावा किया था कि इसमें कोई जानी नुक़सान नहीं हुआ है।
लेकिन शुक्रवार को पेंटागन ने स्वीकार किया है कि इराक़ के ऐनुल असद सैन्य अड्डे पर ईरान के मिसाइल हमले में गंभीर रूप से घायल होने वाले अमरीकी सैनिकों की संख्या 64 है।
हालांकि ट्रम्प ने यह कोई पहली बार झूठ नहीं बोला था।
अतवान का यह भी कहना है कि इस पूरे क्षेत्र में अमरीका के जितने भी सैन्य अड्डे हैं, वह आईआरजीसी की पहुंच में हैं और जिस तरह से उसने ऐनुल असद पर मिसाइलों की बारिश में कोई हिचकिचाहट से काम नहीं लिया, भविष्य में भी वह ऐसा हमला करने में किसी असमंजस से काम नहीं लेंगे।
इस हमले के बाद, पिछले हफ़्ते अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान में नष्ट होने वाले अपने सैन्य विमान के बारे में भी झूठ बोला था।
पहले तो पेंटागन ने ऐसे किसी भी विमान के गिरने या गिराए जाने का खंडन किया, लेकिन तालिबान द्वारा वीडियो जारी करने के बाद विमान के गिरने की बात स्वीकार की।
हालांकि अमरीका ने अभी तक यह स्वीकार नहीं किया है कि इस विमान में कितने लोग और कौन लोग सवार थे।
अतवान का कहना है कि जनरल सुलेमानी के शहीद होने के बाद यह जो घटनाएं घट रही हैं, इससे यह नहीं मान लेना चाहिए कि उनके ख़ून का इंतेक़ाम लिया जा रहा है, बल्कि उसके लिए सिर्फ़ अभी माहौल बन रहा है और असली बदला शुरू होना अभी बाक़ी है।