जेहालत

  • इल्म व जेहालत

    इंसान के इल्म के लिये इतना ही काफ़ी है , कि वह ख़ुदा की इबादत करे , और जिहालत के लिये इतना ही काफ़ी है , कि वह अपनी राय पर ख़ुशहाल हो जाए ।