सूरए ताहा की आयत क्रमांक 87 का अनुवादः
(बनी इस्राईल के लोगों ने) कहाः हमने अपने अधिकार से आपको दिए हुए वचन को नहीं तोड़ा बल्कि (फ़िरऔन की) जाति के आभूषणों का जो बोझ हम उठाए हुए थे उसे हमने (आग में) फेंक दिया तो सामेरी ने हमें इसी प्रकार सम्मोहित किया था।
संक्षिप्त टिप्पणी:
हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम से अपने कार्य का औचित्य दर्शाते हुए कहा कि हमने अपनी इच्छा से और जान बूझ कर यह काम नहीं किया बल्कि हम सामेरी की बातों से इतने प्रभावित हो गए कि अनचाहे में हमने वह सब कुछ कर दिया जिसका उसने हमें आदेश दिया।
इस आयत से मिलने वाले पाठ:
- पापी अपने पाप के लिए दूसरों को उत्तरदायी और अपनी पथभ्रष्टता का कारण बताते हैं किंतु इससे उनके दंड में कोई कमी नहीं होगी।
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आभूषण, लोगों की पथभ्रष्टता का एक मार्ग हैं, विशेष कर यदि शत्रु ने इसके लिए षड्यंत्र तैयार किया हो।