सूरए ताहा की आयत क्रमांक 83 और 84 का अनुवादः
और हे मूसा! अपनी जाति (के लोगों) को छोड़कर शीघ्र आने पर किस बात ने तुम्हें उभारा? मूसा ने कहाः वे मेरे पीछे ही आ रहे हैं और हे पालनहार! मैंने तेरी प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए जल्दी की।
संक्षिप्त टिप्पणी:
वे ईश्वर से कहते हैं कि उन्होंने अपने साथ आने वालों को पीछे छोड़ कर तूर पर्वत पर आने में जल्दी इस लिए कि क्योंकि वे ईश्वर के प्रेम में तड़प रहे थे और उससे प्रार्थना करने में दूसरों से आगे रहना चाहते थे।
इन आयतों से मिलने वाले पाठ:
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यद्यपि कभी कभी कुछ साधारण व सांसारिक कार्यों में जल्दबाज़ी अच्छी नहीं होती किंतु अच्छे और ईश्वर को पसंद आने वाले कार्यों में जल्दी करने से ईश्वर प्रसन्न होता है।
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समाज के नेताओं को सदैव अग्रगामी होना चाहिए ताकि लोग भी चलने के लिए प्रेरित हो सकें।
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ईश्वर से प्रार्थना का एक विशेष आनंद है जिसका आभास केवल उसके प्रिय बंदे ही कर पाते हैं।