राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने, जो इस समय जापान के दौरे पर हैं, इस देश की राजधानी टोकियो में राजनैतिक, आर्थिक व सांस्कृतिक विभागों के उच्चाधिकारियों के बीच भाषण करते हुए कहा कि ईरान की बड़ी आर्थिक परियोजनाओं में निवेश और भागीदारी के लिए ईरान के दरवाज़े जापान की सरकार और जापान की कंपनियों पर खुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान व जापान, दो पुराने दोस्तों के रूप में किसी तीसरे पक्ष को इस बात की अनुमति नहीं देंगे कि वह उनके दोस्ताना संबंधों को बिगाड़ने की कोशिश करे। ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने शनिवार को टोकियो से रवाना होने से पूर्व जापान के उच्चाधिकारियों से बात करते हुए कहा कि निश्चित रूप से अमरीका के ग़ैर क़ानूनी प्रतिबंध, लम्बे समय तक जारी नहीं रह सकते और अमरीकी, एक दिन इस घाटे वाले रास्ते को छोड़ने पर विवश हो जाएंगे।
ईरान के राष्ट्रपति ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अपने मामलों के बारे में अमरीका से बहस करने में हमें कोई समस्या नहीं है लेकिन इससे पहले उसे उस ग़लत रास्ते से वापस आना होगा जिस पर वह डेढ़ साल से चल रहा है, कहा कि हमें ग़लत काम करने वाले को इनाम नहीं देना चाहिए लेकिन इसी के साथ अगर ग़लती करने वाला अपनी ग़लती को सुधारना चाहे तो उसका रास्ता भी बंद नहीं करना चाहिए। डाक्टर रूहानी ने बल देकर कहा कि ईरान व अन्य देशों पर अमरीका का दबाव एक कटु वास्तविकता है जिसका आज हम सामना कर रहे हैं लेकिन अहम बात यह है कि इन कड़ी परिस्थितियों में भी हम व्यापार व लेन-देन का कोई न कोई रास्ता खोज ही लेते हैं और दोनों राष्ट्रों के पक्ष में क़दम बढ़ाते हैं।