16 अक्टूबर 2026 - 19:55
नेतन्याहू ने जौलानी को दी धमकी, स्वैदा से सेना हटाने का आदेश

जौलानी ने नेतन्याहू से कहा, “मुझे उम्मीद थी कि यह बातचीत किसी दूसरे तरीके से आगे बढ़ेगी।”

दमिश्क: इस्राईली मीडिया संस्थान i24NEWS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 16 जुलाई 2025 को सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरअ (अबू मुहम्मद अल-जौलानी) को फोन करके कथित तौर पर धमकी दी थी। नेतन्याहू ने उनसे स्वैदा प्रांत से सीरियाई सेना को तुरंत हटाने की मांग की और चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करने पर इस्राईली हमले और तेज़ कर दिए जाएंगे।

i24NEWS की रिपोर्ट के अनुसार, फोन पर बातचीत के दौरान अल-जौलानी ने हालात पर विचार करने और मामले को संभालने के लिए 48 घंटे का समय मांगा था। हालांकि, नेतन्याहू ने उसकी मांग ठुकरा दी।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेतन्याहू ने द्रूज़ समुदाय के खिलाफ कथित “नरसंहार” का हवाला देते हुए कहा कि सीरियाई सेना को उसी दिन रात 10 बजे तक स्वैदा छोड़ना होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, इसी दौरान इस्राईली सेना ने दमिश्क में कई ठिकानों पर हमले किए। इनमें सीरियाई रक्षा मंत्रालय से जुड़े ठिकाने भी शामिल थे।

बातचीत के दौरान अल-जौलानी ने नेतन्याहू से कहा, “मुझे उम्मीद थी कि यह बातचीत किसी दूसरे तरीके से आगे बढ़ेगी।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि बशर अल-असद की सरकार गिरने और आतंकी सरगना जौलानी के सत्ता में आने के बाद इस्राईल के साथ सहयोग और संपर्क बढ़ाने की कोशिशें हुईं। इसके बावजूद सीरिया की जमीन पर इस्राईली सैन्य हमले जारी रहे और उनमें तेज़ी भी आई।

रिपोर्ट के अनुसार, इस्राईल ने सीरिया में हवाई हमले बढ़ाए और बुनियादी ढांचे तथा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि दमिश्क में राजनीतिक बदलाव और इस्राईल के साथ बातचीत की कोशिशों के बावजूद ये हमले नहीं रुके।

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