पाकिस्तान में अंग्रेज़ी भाषा में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र आबज़रवर ने अपने संस्करण में लिखा कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने तेहरान में अंतर्राष्ट्रीय इस्लामी एकता कांफ़्रेंस में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए बल दिया कि इस्राईल की बर्बादी और तबाही का अर्थ, यहूदी जनता की बर्बादी और तबाही कदापि नहीं है क्योंकि हमें उनसे कुछ लेना देना नहीं है।
उनका कहना था कि फ़िलिस्तीन की जनता चाहे मुसलमान, ईसाई हो, या यहूदी जो इस धरती के असली मालिक हैं, वह अपनी सरकार का चयन करें और विदेशियों तथा नेतेनयाहू जैसे ग़ुंडों और बदमाशों को बाहर निकाल कर अपने देश को स्वयं चलाएं और निश्चित रूप से एसा होकर रहेगा।
पाकिस्तानी समाचार पत्र नेशन लिखता है कि ईरान, अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में सांप्रदायिकता को समाप्त करने के प्रयास में है और इस्राईल की बर्बादी का अर्थ यहूदियों की तबाही व बर्बाद नहीं है।
पाकिस्तान के इस समाचार पत्र ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में यूरोप की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा, ईरानी राष्ट्र की आवश्यकता है किन्तु पश्चिमी वर्चस्ववादी इस ऊर्जा पर अपना एकाधिकार जमाए रखना चाहते हैं।
पाकिस्तान के एक अन्य समाचार पत्र पाकिस्तान टूडे ने वरिष्ठ नेता के बयान का हवाला देते हुए लिखा कि ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद से आजतक इस्राईल को आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया और फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधकर्ता गुटों का समर्थन किया गया। समाचार पत्र लिखता है कि ईरान, यहूदियों के जनसंहार के प्रयास में नहीं है बल्कि इस्राईल की तबाही को अवैध ज़ायोनी शासन की तबाही समझता है।
पाकिस्तान के अंग्रेज़ी भाषी समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने लिखा कि वरिष्ठ नेता इस्राईल को एक जाली और अवैध शासन समझते हैं जिसकी बर्बादी और तबाही के बाद मुसलमान हो, ईसाई हो, या यहूदी अपने भविष्य के बारे में फ़ैसला कर सकते हें।
समाचार पत्र लिखता है कि ईरान, इस्राईल को एक अवैध शासन समझता है और इसके मुक़ाबले में हमास और जेहादे इस्लामी जैसे प्रतिरोधकर्ता गुटों का भरपूर और खुलकर समर्थन करता है।