ईरानी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अब्बास मूसवी ने शनिवार को पत्रकार से एक वार्ता में कहा था कि राष्ट्रपति हसन रूहानी ने फार्स की खाड़ी सहयोग परिषद के राष्ट्राध्यक्षों और इसी प्रकार इराक के राष्ट्रपति के नाम अपने पत्र में उनसे मांग की थी कि वह इलाक़े में स्थाई शांति व सुरक्षा के लिए ईरान के प्रस्ताव को लागू करने की दिशा में सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि हुरमुज़ शांति प्रस्ताव को राष्ट्रपति द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा में पेश किये जाने के बाद उसका पूरा ब्योरा, इन देशों के राष्ट्राध्क्षों को भेजा गया और उनसे इस प्रस्ताव को लागू करने में सहयोग की मांग की गयी।
इस संदर्भ में कुवैत के " अलजरीदा" समाचार पत्र ने लिखा है कि ईरान ने अभूतपूर्व क़दम उठाते हुए कुवैत की मदद से सऊदी अरब और बहरैन को खत भेजा था।
समाचार पत्र ने लिखा कि ईरान ने कुवैत के उप विदेशमंत्री को दो खत दिये थे जिस पर ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के हस्ताक्षर थे और उनमें से एक खत पर सऊदी नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज और दूसरे पर बहरैन नरेश हम्द बिन आले खलीफा लिखा हुआ था।
कुवैती समाचार पत्र ने बताया कि ईरान के इस प्रस्ताव का सऊदी अरब और बहरैन की ओर से सकारात्मक जवाब मिला है जिसके बाद हुरमुज़ स्ट्रेट में शांति व सुरक्षा तथा इस क्षेत्र के देशों के मध्य विवादों के समाधान के लिए परस्पर सहयोग की आशा बढ़ गयी है।