रिपोर्ट के अनुसार ज़ायोनी कट्टरपंथियों के एक गुट ने जिसे इस्राईली सेना का समर्थन हासिल था, मस्जिदुल अक़सा पर धावा बोल दिया और बाबुर्रहमा में अपना धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया और फिर फ़िलिस्तीनियों से मार पीट शुरु कर दी।
इसी मध्य ज़ायोनी सैनिकों ने मस्जिदुल अक़सा के एक रक्षक इहाब अबू ग़ज़ाला को गिरफ़्तार कर लिया है। मस्जिदुल अक़सा मुसलमानों का पहला क़िब्ला है।
ज़ायोनी सैनिकों की ओर से इन अपमानजनक कार्यवाहियों का लक्ष्य, बैतुल मुक़द्दस की इस्लामी पहचान को मिटाकर उसके स्थान पर ज़ायोनी प्रतीक स्थापित करना है।
दूसरी ओर ज़ायोनी सैनिकों ने बैतुल मुक़द्दस के शहर में एसवीया बस्ती और सिलवान मोहल्ले पर हमला किया और बैतुल मुक़द्दस के नागरिकों के घरों पर हमला करने के बाद 4 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया।