18 अक्टूबर 2019 - 13:17
उत्तरी सीरिया में तुर्की ने हमले रोके, 5 दिन का युद्ध विराम, क्या तुर्की का मक़सद पूरा हो गया?

अमरीका और तुर्की ने 300 मिनट की बातचीत के बाद उत्तरी सीरिया में अस्थाई रूप से युद्ध विराम पर सहमति प्रकट की है। यह युद्ध विराम स्थानीय समयानुसार 10 बजे रात से शुरु हो गया है और 5 दिनों तक जारी रहेगा। इस तरह से फिलहाल उत्तरी सीरिया पर तुर्की का हमला रुक गया है।

ट्रम्प बेहद खुश हैं!

तुर्की और अमरीका के बीच युद्ध विराम पर सहमति, अमरीकी प्रतिनिधिमंडल की तुर्की यात्रा के दौरान हुई। सहमति के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तुर्क राष्ट्रपति अर्दोगान को शुक्रिया कहा और इसे आम नागरिकों का जीवन बचाने वाला समझौता बताया। हालांकि इस से पहले वह एक पत्र में अर्दोगान का अच्छा खासा अपमान कर चुके थे।

अमरीका से सहमति उत्तरी सीरिया में युद्ध बंदी के अर्थ में नहीं!

तुर्की के विदेशमंत्री " मौलूद चावूश ओगलू" ने कहा है कि राष्ट्रपति अर्दोगान के नेतृत्व में हमने अब तक जो चाहा था वह सीरिया में प्राप्त कर लिया है, अमरीका के साथ हालिया समझौता, " वाईपीजी" से भारी हथियार वापस लेने और उत्तरी सीरिया में इस गुट के मोर्चों की तबाही के लिए है। अमरीका के साथ हालिया सहमति अर्थ, उत्तरी सीरिया में युद्ध विराम नहीं है। तुर्क विदेशमंत्री के अनुसार " वाईपीजी" गुट को पीछे हटाने पर ही नहीं बल्कि उसके निशस्त्रीकरण पर भी अमरीका के साथ सहमति हुई है और सीरिया के भीतर 32 किलोमीटर का एक सुरक्षित ज़ोन बनाना तुर्की का उद्देश्य है।  

रूस की प्रतिक्रिया

रुस ने उत्तरी सीरिया में युद्ध विराम के लिए अमरीका और तुर्की के मध्य होने वाली सहमति पर शुक्रवार तड़के प्रतिक्रिया प्रकट की है। क्रिमलेन ने इस सहमति के बारे में कहा है कि " हमें तुर्की की ओर से अमरीका के साथ उसके समझौते के बारे में अधिक ब्योरा का इंतेज़ार रहेगा।"

 

संरा के महासचिव ने क्या कहा ?

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एन्टोनियो गुटेरस ने उत्तरी सीरिया में अस्थाई युद्ध विराम पर अमरीका व तुर्की के मध्य होने वाली सहमति का स्वागत करते हुए कहा है कि वह उत्तरी सीरिया में युद्ध विराम और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर क़दम का स्वागत करते हैं लेकिन सीरिया संकट के लिए एक प्रभावशाली मार्ग की खोज अब भी जारी है।

सीरिया सरकार की नज़र में यह समझौता स्पष्ट नहीं है

सीरिया ने तुर्की और अमरीका के बीच हुए समझौते को अस्पष्ट बताया है। सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद की राजनीतिक  व मीडिया सलाहकार " बुसैना शाबान" ने इस समझौते के बारे में कहा है कि अमरीका व तुर्की के मध्य होने वाले युद्ध विराम का समझौता स्पष्ट नहीं है। " सुरक्षित ज़ोन " कहना सही नहीं है इन हालात में इस प्रकार के क्षेत्र को " अवैध अधिकृत क्षेत्र " कहा जाना चाहिए। पूरी दुनिया, उत्तरी  सीरिया पर तुर्की के हमले की विरोधी है। अर्दोगान एक खतरनाक और साम्राज्यवादी प्रवृत्ति रखने वाले व्यक्ति हैं उन पर लगाम लगायी जानी चाहिए।

वह इलाक़े और यूरोप में मुस्लिम ब्रदरहुड की विचारधारा को प्रचलित कर रहे हैं। हमारी नज़र में अर्दोगान एक अतिग्रहणकारी हैं कि जिन्हों ने हमारे इलाक़ों पर हमला किया है। हमारे अपने ईरानी और रूसी दोस्तों से संबंध जारी हैं और हमारे बीच पूरी तरह से विश्वास है। अगर तुर्की मदद न करता तो इतने ढेर सारी आतंकवादी, सीरिया में न घुसते। लिंडसे ग्राहम से हम कहना चाहते हैं कि ईरान ने इस इलाक़े में अमरीकी गलतियों से खूब फायदा उठाया।

उन्होंने कुर्दों के अलगाववाद के बारे में भी कहा कि हम उत्तरी सीरिया में कुर्दों के लिए इराकी कुर्दिस्तान जैसी समस्या खड़ी नहीं करना चाहते। अधिकांश कुर्द भाई, सीरियाई राष्ट्र का भाग हैं, महान वह होते हैं जो अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हैं।

कुर्दों ने भरपूर स्वागत किया

कुर्द सेना, एसडीएफ के वरिष्ठ कमांडर " मज़लूम अब्दी" ने युद्ध विराम का स्वागत करते हुए कहा है कि हमें इसे स्वीकार करते हैं और यह सहमति आरंभ है क्योंकि तुर्की का कोई की उद्देश्य पूरा होने वाला नहीं है।

मज़लूम अब्दी ने कहा कि हमे युद्ध विराम को स्वीकार करते हैं इस समझौते में रासुलएन से लेकर उत्तरी हसका और उत्तरी रक्का में स्थित तल अबयज़ तक के इलाक़े शामिल हैं। अन्य क्षेत्रों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। अमरीका की जिम्मेदारी है कि वह इन इलाक़ों में आबादी के ढांचे की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाए।

     कुर्दों के एक अन्य कमांडर, " आल्दार खलील" ने भी फ्रांस प्रेस से एक बात चीत में कहा है कि हम इस युद्ध विराम का स्वागत करते हैं लेकिन अगर कुर्दों पर हमला हुआ तो हम अपनी रक्षा करें। रजब तैयब अर्दोगान सीरिया की सीमा के भीतर 32 किलोमीटर अंदर घुसने के इच्छुक हैं जिसे हम पहले ही अस्वीकार कर चुके हैं।

         

 नतीजा!

बहरहाल यह निश्चित है कि अमरीका और तुर्की के बीच होने वाला यह समझौता अस्थाई और बेहद कमज़ोर है और अब देखना यह है कि कब तक चलता है हालांकि समझौते के कुछ ही घंटों बाद एक इलाक़े से फायरिंग की रिपोर्ट मिली थी। जहां तक तुर्की के उद्देश्यों की पूर्ति की बात है तो इस देश के विदेशमंत्री की बातों के हट कर भी यह एक सच्चाई है कि समाधान, एडवेंचर में नहीं है और सैन्य हमले से किसी समस्या का समाधान नहीं होता। सीरिया के साथ " अज़ना" समझौते पर ध्यान देना ही समस्या का समाधान है।