यहया सरी ने एक पत्रकार सम्मेलन में अतिक्रमणकारियों के ख़िलाफ़ यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों की इस बड़ी कार्यवाही का ब्योरा देते हुए बताया कि "नस्रुम मिनल्लाह" नामक यह कार्यवाही सऊदी अरब के दक्षिणी प्रांत नजरान में की गई जिसमें बड़ी संख्या में सऊदी अरब के सैनिकों को बंदी बना लिया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्यवाही में सेना की विशेषज्ञ इकाइयों ने भरपूर ढंग से भाग लिया जिनमें मीज़ाइल यूनिट, ड्रोन यूनिट और एयर डिफ़ेंस यूनिट शामिल थे। इस कार्यवाही में सऊदी अरब की तीन ब्रिगेड्स को पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
यहया सरी ने बताया कि दुश्मन के हज़ारों सैनिकों के आत्म समर्पण के बाद अब हमारे बल, दुश्मन के हवाई हमलों से बंदियों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि अतिक्रमणकारी अंधाधुंद हवाई हमले कर रहे हैं। यमनी सेना के प्रवक्ता ने बताया कि बंदी बनाए गए दुश्मन के सैनिकों की संख्या इतनी अधिक है कि उन्हें गिनना मुश्किल है। प्रवक्ता के अनुसार इस कार्यवाही के दौरान सऊदी अरब की तीन बटालियनें पूरी तरह से ध्वस्त हो गईं जबकि बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद और सैकड़ों सैन्य वाहन यमनी बलों के हाथ लगे हैं। उन्होंने बताया कि बंदियों में सऊदी अरब के सैकड़ों कमांडर, सैन्य अधिकारी और सैनिक भी शामिल हैं। प्रवक्ता ने बताया कि इस कार्यवाही में नजरान के कई सौ किलो मीटर के क्षेत्र को सऊदी अरब से मुक्त करा लिया गया।
यमनी सेना के प्रवक्ता यहया सरी ने कहा कि हम बंदी बनाए गए सैनिकों के परिजनों को विश्वास दिलाते हैं कि अतिक्रमणकारी गठजोड़ के युद्धक विमानों के हमलों से बंदियों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ घंटे बाद हम "नस्रुम मिनल्लाह" सैन्य कार्यवाही का अधिक ब्योरा जारी करेंगे। उधर अंसारुल्लाह संगठन के प्रवक्ता मुहम्मद अब्दुस्सलाम ने भी कहा है कि यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब का अत्याचारपूर्ण युद्ध शुरू होने के समय से लेकर अब तक "नस्रुम मिनल्लाह" सबसे बड़ी सैन्य कार्यवाही है। उन्होंने कहा कि इस कार्यवाही के अंतर्गत थोड़े से समय में दुश्मन को भारी जानी और माली नुक़सान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि इतनी भारी पराजय पर पर्दा डालने की सऊदी अरब की कोशिश, निरर्थक है। (HN)