शनिवार को तेहरान में अली लारीजानी और भारतीय राजदूत गद्दम धर्मेन्द्र के बीच मुलाक़ात हुयी। इस मुलाकात में ईरानी संसद सभापति ने कहा कि कुछ देश ईरान-भारत के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों में विस्तार नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि ईरान-भारत को, दुश्मन की साज़िश को नाकाम बनाते हुए आर्थिक व संसदीय संबंधों में विस्तार के लिए कोशिश करनी चाहिए।
ईरानी संसद सभापति ने कहा कि ईरान-भारत ऊर्जा, नई प्रौद्योगिकी और क्षेत्र में सुरक्षा व स्थिरता क़ायम करने में एक दूसरे के पूरक बन सकते हैं।
उन्होंने इसी प्रकार कहा कि अमरीका के दुर्व्यवहार का अंतर्राष्ट्रीय हालात पर बुरा असर पड़ रहा है। अली लारीजानी ने कहा कि दुनिया के बड़े देशों को ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका की पाबंदियों के संबंध में उदासीन नहीं रहना चाहिए, क्योंकि अगर अमरीकियों को डराने धमकाने की आदत पड़ गयी तो वे उनके साथ भी धमकी भरा व्यवहार अपनाएंगे।
ईरान के संसद सभापति ने कहा कि ईरान पाबंदियों के बाद के हालात से सफलतापूर्वक निपट रहा है।
इस मुलाक़ात में भारतीय राजदूत गद्दम धर्मेन्द्र ने तेहरान के साथ संबंध मज़बूत करने में नई दिल्ली की रूचि पर बल दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता प्रक्रिया को जारी रहना चाहिए।
भारतीय राजदूत ने ईरानी संसद सभापति को भारत दौरे की दावत दी।