मंगलवार को जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह द्वितीय के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ़्रेंस को संबोधित करते हुए मर्केल ने कहा, यूरोपीयों का मानना है कि ईरान को सैन्य परमाणु क्षमता प्राप्त करने से रोकने के लिए किया गया समझौता, इमारत की वह ईंट है, जिसे दोबारा उसकी जगह रखने की ज़रूरत है।
हालिया दिनों में क्षेत्र में बढ़ते तनाव का उल्लेख करते हुए जर्मन चांसलर ने कहा, उनका देश स्थिति को शांत रखने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देता है।
ग़ौरतलब है कि मई 2018 में अमरीका के परमाणु समझौते से निकलने और ईरान पर एकपक्षीय कड़े आर्थिक प्रतिबंध लागू करने के बाद से मध्यपूर्व में तनाव में अभूतवूर्प रूप से वृद्धि देखने में आ रही है।